कलेक्टर से मुलाकात करती छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
शहडोल के एक हॉस्टल में पानी की समस्या से परेशान छात्राएं सुबह कलेक्टर के बंगले पहुंच गई और अपनी समस्याओं को कलेक्टर के सामने रखकर समस्या का समाधान करने का निवेदन किया। पानी की समस्या से जूझ रही गर्ल्स हॉस्टल की छात्राएं शनिवार सुबह कलेक्टर बंगले पहुंच गईं। छात्राओं ने कलेक्टर को अपनी समस्या बताई। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिससे हमको काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले के प्री-मैट्रिक छात्रावास की छात्राओं की समस्या सुनने के बाद कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि छात्रावास जैसी संस्थाओं में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर से मिलने के बाद छात्राएं कमिश्नर के बंगले भी गईं। वहां भी उन्होंने अपनी समस्या बताई। जिस पर कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने कलेक्टर को जांच कर व्यवस्था सुधारने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में इस प्रकार की समस्या सामने नहीं आनी चाहिए। गौरतलब है कि जिले के प्री-मैट्रिक छात्रावास में रह रहीं छात्राओं को पानी के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है।
कलेक्टर के इस त्वरित हस्तक्षेप से छात्राओं को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। छात्राओं की आपबीती सुन कलेक्टर तत्काल डीईओ को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं इस पूरे मामले में प्री मैट्रिक छात्रावास की अधीक्षिका कृष्णा टेकाम का कहना है कि कल रात ही मोटर रिपेयरिंग का काम कराया गया है। पानी जैसी हॉस्टल में अब कोई समस्या नहीं है। पता नहीं छात्राओं ने कैसे और क्यों पानी की समस्या को लेकर अधिकारियों के पास गई हैं।