महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कुबेरेश्वरधाम में भव्य रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन हो रहा है। यह धाम 12 ज्योतिर्लिंगों के मध्य स्थित है और लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन हैं। इस सात दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिवरात्रि का महत्व बताते हुए कहा कि फाल्गुन मास की चतुर्दशी को शिवलिंग प्रकट हुआ था, जिसे शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है।
भंडारे में फलाहार और छाछ का वितरण
सुबह से ही श्रद्धालुओं के लिए 200 क्विंटल से अधिक फलाहार, खीर, फलहारी मिक्सचर, खिचड़ी और 20,000 से अधिक छाछ के पाउच निःशुल्क वितरित किए गए। सेवा में मालेगांव सहित देशभर से आए सेवादार जुटे हुए हैं, जिनकी सेवा भावना पर पंडित मिश्रा ने आभार व्यक्त किया और कहा कि सेवा सबसे बड़ी भक्ति है।
रुद्राक्ष महोत्सव की महिमा
पंडित मिश्रा ने बताया कि कुबेरेश्वरधाम के रुद्राक्ष महोत्सव का इंतजार श्रद्धालु पूरे वर्ष करते हैं। हजारों भक्त इस महोत्सव में अपनी मनोकामनाओं के साथ आते हैं, जैसे संतान प्राप्ति, नौकरी में सफलता और स्वास्थ्य लाभ। उन्होंने कहा, "भगवान शिव की आराधना करने वाला भक्त कभी दुखी नहीं रहता और भोलेनाथ की भक्ति में अद्भुत शक्ति है, जो जीवन का पासा पलट सकती है।"
श्रद्धालुओं की आस्था और अनुभव
हरदा से आई एक महिला ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कथा सुनने से उनके पति ने शराब छोड़ दी और उनका परिवार सुखी हो गया। इस प्रकार के अनेक श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के साथ कथा का श्रवण कर रहे हैं।
अतिरिक्त व्यवस्था और सेवा कार्य
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बुधवार को तीन डोम और 15 टेंट पूरी तरह भरे गए, जिसके बाद गुरुवार को अतिरिक्त टेंट और पंडाल लगाए जाएंगे। विठलेश सेवा समिति के समर्पित कार्यकर्ता और प्रशासन मिलकर श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं। रेलवे स्टेशन पर भी भोजन भंडारे की व्यवस्था की गई है, जहां नगर इकाई और श्रद्धालु सेवा कार्य में सक्रिय हैं।
महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर कुबेरेश्वरधाम में आस्था, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने पहुंचे हैं।
सीहोर। रुद्राक्ष महोत्सव में उमड़ा अपार जन समूह
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