शीतलहरों से बचाने के लिए गायों को पहनाए कपड़े
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जिले में तेज ठंड को देखते हुए कुबेरेश्वर धाम मुरली मनोहर गौशाला सीहोर में गो माता को शीतलहर से बचाने के लिए कपड़े पहना दिए गए हैं। कहीं-कहीं अलाव भी जलाए जा रहे हैं। दिसंबर में कई सालों बाद सर्दी अपना सितम ढा रही है। तीन दिन से लगातार न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से नीचे चल रहा है। जिससे लोगों की आम दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है।
नगर हो या ग्राम तापमान में गिरावट का असर साफ दिखाई दे रहा है। नगर में सुबह के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही तीन दिन से लगातार काफी कम है और इसका प्रमुख कारण है उत्तर से आ रही वो बर्फीली हवा, जिसने रविवार को न्यूनतम तापमान 1.5, सोमवार को 1.9 और मंगलवार को 3.5 कर दिया। शीतलहरों से मवेशियों को भी दिक्कत होने लगी है। इसके लिए कई जगह मवेशियों के आसपास अलाव जलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में कुबेरेश्वर धाम स्थित गौशाला की गायों को कपड़े पहनाए गए ताकि उन्हें सर्दी से बचाया जा सके।
फसलों को नुकसान होने की आशंका
खेतों में तीन दिन से जम रही ओस की बूंदें कहीं फसल को नुकसान न पहुंचा दें, यह आशंका लगातार बनी हुई है। तुअर की फसल इस समय मुश्किल दौर से गुजर रही है। वहीं सब्जियों पर भी पाला पड़ने की संभावना बनती दिख रही है। हालांकि कृषि विभाग कह रहा है कि कहीं से पाला पड़ने की सूचना नही है। यह राहत भरी जानकारी है। मगर लगातार अधिकतम और न्यूनतम तापमान में ज्यादा अंतर बना रहा तो यह पाला पड़ने में देर नही लगाएगा।