इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी रामचरितमानस में अंतर्निहित विभिन्न ज्ञान-विज्ञान और संस्कृति के पहलुओं का गहन अध्ययन करेंगे कि राम नाम के पत्थर समुद्र में क्यों तैरे। रावण का पुष्पक विमान मन की गति से कैसे उड़ान भरता था। बाली के पास ऐसी कौन सी विद्या थी, जिससे वह रोज सुबह पृथ्वी के ढाई चक्कर लगा लेता था। आकाशवाणी कैसे होती थी।
राम वनवास गमन पथ पर ले जाएंगे विद्यार्थियों काे
कुलपति ने कहा कि इस विषय में थ्योरी के साथ-साथ बड़ी संख्या में प्रैक्टिकल पर भी जोर दिया जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों को रामजन्म भूमि, वनवास पथ पर ले जाया जाएगा। हमारा उद्देश्य यह भी रहेगा कि वहां के संबंधित क्षेत्रों के विद्वानों के लेक्चर भी कक्षाओं में करवाए जाएं। इसके अलावा भगवान राम जिन स्थलों पर गए वहां पर छात्रों से रिपोर्ट भी तैयार करवाने की कोशिश रहेगी। इसके अलावा राम के अयोध्या में रहने, गुरु विश्वामित्र से ज्ञानार्जन करने, राक्षसों के अंत, अहिल्या उद्धार, सीता विवाह के स्थलों से भी रिपोर्ट तैयार करवाई जाएगी।
इस उद्देश्य से शुरू किया पाठ्यक्रम
इस पाठ्यक्रम को शुरू करने का उद्देश्य सनातन संस्कृति के विज्ञान के गुढ़ रहस्यों को अध्ययन के माध्यम से सबसे सामने रखना है। श्रीरामचरित मानस से जुड़े भौतिक, रसायन, जीव, पर्यावरण के साथ औषधीय विज्ञान से विद्यार्थियों को रूबरू होंगे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रोजगार देने के उपायों पर काम चल रहा है। पिछले 10 दिनों में मैंने 2 फैक्ट्रियों का उद्घाटन किया है। सोमवार को ही त्रिचुर की एक रेडीमेड गारमेंट की यूनिट जिसमें 4000 लोगों को रोजगार मिलेगा। उस यूनिट को लगाने के लिए समाधान निकाला गया है।