रतलाम जिले के आलोट नगर से लापता हुई महिला पटवारी के गायब होने का मामला अपहरण में तब्दील हो गया। पुलिस के अनुसार पटवारी को उसका परिचित युवक झूठ बोलकर अपने गांव ले गया था। पुलिस टीम महिला को तलाश कर वापस ले आई है। आरोपी युवक के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया गया है। उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई 2026 की शाम आलोट में आयोजित प्रशासनिक बैठक में शामिल होकर महिला पटवारी अपने घर लौटी थी। घर से देर रात वह लापता हो गई थी और उनका मोबाइल फोन भी बंद था। पटवारी के परिजन ने 21 जुलाई को आलोट थाने पर उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पटवारी बड़वानी जिले की रहने वाली है और इन दिनों आलोट में पदस्थ है। महिला पटवारी के गायब होने से प्रशासनिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। पुलिस लापता पटवारी की खोजबीन कर रही थी, इसी बीच मंगलवार रात पुलिस को सूचना मिली कि लापता पटवारी धार जिले के ग्राम काकड़वा में है। पुलिस व राजस्व विभाग टीम वहां पहुंची और खोजबीन कर पटवारी को मंगलवार व बुधवार की दरमियानी रात आलोट लेकर आई।
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मंदिर पर चलने का कहकर जबरदस्ती ले गया था
आलोट एसडीओपी पल्लवी गौर के अनुसार महिला पटवारी को देर रात आलोट लाया गया। रात करीब 1:30 बजे पटवारी ने अपने बयान में बताया कि परिचित आरोपी अनिल अलावा ने मेरे घर पर आकर मेरे साथ मारपीट की थी और कहा कि मेरे माता-पिता आलोट शंकर मंदिर पर है, वहां चलकर माता-पिता से बात कर लो। मैं उसके साथ मंदिर पर पहुंची, जहां उसके माता-पिता नहीं थे। वहां से वह उसे जबरदस्ती ग्राम काकड़वा ले गया था। वहां से मैंने अपने माता-पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद आलोट टीम ग्राम काकड़वा पहुंची और उसे लेकर आई। पुलिस जब वहां पहुंची तो आरोपी अनिल अलावा वहां से भाग चुका था। आरोपी अनिल अलावा के खिलाफ बीएनएस की धारा 140 ( 3) के तहत प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। बयान लेने के बाज पटवारी को उसके माता-पिता के साथ घर भेजा गया।