रतलाम जिले के सैलाना नगर के राठौड़ (तेली) परिवार की दो बहनें शीतल और सपना राठौड़ की जैन धर्म से ऐसी आस्था जुड़ी की दोनों बहनों ने संयम के मार्ग पर चलने का दृढ़ निश्चय कर लिया। उनके इस दृढ़ निश्चय को देखते हुए उनके परिवार को भी दीक्षा लेने की सहमति प्रदान करना पड़ी। दोनों बहनों की जैन भगवती दीक्षा 19 अप्रैल को शंखेश्वर पुरम (पालीताणा तीर्थ) में आचार्य अशोक सागर जी महाराज साहब की सानिध्य में होगी।
रतलाम जिले के सैलाना नगर निवासी जुगलकिशोर राठौड़ का परिवार शुरू से ही जैन धर्म के प्रति आस्था रखता आया है। जुगलकिशोर राठौर की दोनों बेटियों शीतल राठौर और सपना राठौर दोनों ने जैन धर्म को समझने के बाद परिजनों से दीक्षा लेने की इच्छा व्यक्त की। पहले तो परिजनों ने मना किया, लेकिन दोनों बहनों के दृढ़ निश्चय के कारण परिजनों को दीक्षा के लिए सहमति प्रदान करना पड़ी। दोनों बहने संयम मार्ग पर चलेंगी। दीक्षार्थी शीतल और सपना राठौर के भाई संजय राठौड़ भी जैन धर्म को बहुत मानते हैं। उनके बाद से ही परिवार के लोगों ने जैन धर्म में जाना शुरू किया और जैन धर्म से जुड़ते गए।
दोनों बहनें लंबे समय से जैन धर्म का पालन करते हुए कई साधु-साध्वी भगवंतों की सेवा में रहकर जैन धर्म के मर्म को समझा। मूर्तिपूजक श्रीसंघ के अध्यक्ष सुरेंद्र मेहता ने दोनों बहनों के इस निर्णय का स्वागत किया है। संघ के वरिष्ठ भूरामल तांतेड़ ने बताया कि जैन धर्म की दीक्षा दोनों बहनें ले रही हैं यह बड़े पुण्य के बाद होता है। उनका कहना है कि यह श्रीसंघ के लिए बड़े गौरव की बात है कि इतिहास में यह पहला अवसर है जब दो सगी बहनें आगामी 19 अप्रैल को गुजरात के शंखेश्वर तीर्थ में आचार्य अशोक सागर जी महाराज के सानिध्य में एक साथ दीक्षा लेंगी।