राजगढ़ में यूपी से आई भाजपा विधायक कठेरिया।
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मध्य प्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों में इस समय भाजपा के प्रवासी विधायक सक्रिय हैं। अलग-अलग राज्यों से आए यह विधायक जमीनी हकीकत जान रहे हैं और अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। यह विधायक केंद्रीय नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इस आधार पर केंद्रीय नेतृत्व बड़े फैसले ले सकता है।
राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पर्यवेक्षक बनकर आई उत्तरप्रदेश की ओरैया विधानसभा सीट से विधायक गुड़िया कठेरिया ने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने इस दौरान अपने प्रवास में एकात्रित की गई जानकारियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि मैंने भाजपा कार्यकर्ताओ, सरपंचों व पंचायत सदस्यों के साथ बैठकर उनसे चर्चा की। उन्होंने सभी ने यह मन बनाया है कि इस बार राजगढ़ विधानसभा में भी कमल खिलाना है। टिकट जब फाइनल होगा, तब सभी कार्यकर्ता मजबूती के साथ पार्टी का काम करेंगे। कठेरिया से पूछा गया कि राजगढ़ विधानसभा सीट के लिए कितने नेताओं ने दावेदारी पेश की। इस पर उन्होंने कहा कि राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र से 20 नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश की है। उन्होंने दावा किया कि यहां के सभी नेताओं में एकजुट होकर मन बना लिया है कि इस बार कमल का फूल खिलाना है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां बहुत-से काम करवाए हैं। डैम बनवाया है। लाड़ली बहना जैसी योजना भी यहां लागू की गई है। महिलाओं से भी हमने बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी जिसे भी टिकट देगी, हम सभी लोग उसका साथ देंगे।
छतरपुर में आए भाजपा विधायक मीडिया को संबोधित करते हुए।
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छतरपुर में विवादित सवालों को टाल गए विधायक
छतरपुर में महाराजपुर विधानसभा की जमीनी हकीकत जानने पहुंचे यूपी के फिरोजाबाद जिले में टुंडला विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रेम पाल सिंह धनगर ने घोषित प्रत्याशी के विरोध से जुड़े सवाल का जवाब नहीं दिया। धनगर ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने यूपी, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र के विधायकों को सात दिन के प्रवास पर 13 कार्यक्रमों के साथ भेजा है। इसमें मंडल कार्यकर्ताओं के साथ बैठक, शक्ति एवं बूथ केंद्र अध्यक्ष के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति तैयार करना, केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं के लाभार्थियों से मिलकर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाना, दलित समाज के घर पर भोजन, व्यपारियों के साथ बैठक आदि कार्यक्रम थे। धनगर ने कहा कि मुझे तो सात दिन के प्रवास पर कोई विरोध नहीं दिखा। वैसे भी भाजपा में प्रत्याशी नहीं चुनाव चिह्न कमल का फूल होता है। उसे जिताने के लिए ही कार्यकर्ता काम करते हैं।