दमोह पहुंचे प्रहलाद पटेल ने मीडिया से की चर्चा
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव होने के बाद नरसिंहपुर से निर्वाचित हुए विधायक प्रहलाद पटेल दमोह पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि दमोह जिले की चारों सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की है और प्रदेश में भाजपा की सरकार बन रही है। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन काल का सबसे लंबा संसदीय समय दमोह में बीता है। लोगों के मूल्यांकन करने का क्या नजरिया है मुझे नहीं पता। इसलिए जब मैंने संसद की सदस्यता छोड़ी तो अपने ट्वीट में मैंने लिखा था कि आभार और धन्यवाद देने से दमोह की जनता का कर्ज नहीं उतार सकता।
व्यक्तिगत और सामूहिक कर्तव्यों का निर्वहन करता रहूंगा
मीडिया से चर्चा में प्रहलाद पटेल ने कहा कि जब तक मैं जीवित रहूंगा तब तक मैं अपने व्यक्तिगत और सामूहिक कर्तव्यों का निर्वहन करता रहूंगा। यह मैं आपको वचन देता हूं कभी मेरी जरूरत पड़े तो मैं यह दावे से कह सकता हूं कि मेरी कोई बाउंड्री नहीं है। पार्टी ने मुझे इतने मौके दिए कि मैं अपने जीवन में चार अलग-अलग जगह से लोकसभा सदस्य रहा हूं।
भाई को कहा धन्यवाद
उन्होंने कहा कि यह पांचवा स्थान है, जहां पर मैंने अपने जीवन का संघर्ष शुरू किया। मैं वास्तव में छिंदवाड़ा या जबलपुर की किसी सीट से लड़ने वाला था। मैं अपने भाई के लिए साधुवाद व्यक्त करता हूं। जहां एक तरफ परिवारवाद में मां और बेटे, भाई और भाई टिकट के लिए लड़ते दिखते हैं, आपसे कोई चीज छुपी हुई नहीं रहती, लेकिन उन्होंने जो परिवारवाद पर तमाचा लगाया है, क्योंकि जो मैं चुनाव जीता हूं उसमें छोटे भाई मुन्ना भैया की सक्रियता जरूरी है।
दमोह से भावनात्मक रूप से जुड़ा हूं
वहीं, दमोह के संबंध में प्रहलाद पटेल ने कहा कि मैं यहां से भावनात्मक रूप से जुड़ा हूं। गौ अभ्यारण्य जरारू धाम के लिए आप सबके सहयोग के लिए आभारी हूं। जरारू धाम अभी दमोह की पहचान है। एक समय वह भविष्य में देश की पहचान बनेगा, ऐसा मेरा भरोसा है। श्री पटेल ने कहा कि जरारू धाम में मैंने कभी राजनीति नहीं की है और भविष्य में भी नहीं करूंगा। कौन किस दल का है यह बात मायने नहीं रखती। जो जरारू धाम में मदद करेगा वह जरारू धाम का सहयोगी होगा, कोई फर्क नहीं पढ़ना चाहिए। वह स्थान दलीय राजनीति का केंद्र न तो कभी था, न है और न भविष्य में रहेगा मेरा भावनात्मक लगाव रहेगा।