नीमच जिले में पुलिस से बचने के लिए मादक माफिया कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। लेकिन मजबूत मुखबिर तंत्र के चलते उनकी नई-नई तरकीबों का भंड़ाफोड़ हो रहा है। मनासा थाने की कंजार्डा चौकी ने आसमानी रंग की बत्ती और दो हूटर लगी एंबुलेंस की तलाशी ली तो प्लास्टिक के कट्टों में भरा हुआ 2.91 क्विंवटल डोडा चूरा मिला। पुलिस ने मौके से राजस्थान के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
कंजार्डा चौकी प्रभारी निलेश सोलंकी ने पडदा सुण्डी तरफ से रावतपुरा कंजार्डा डिकैन होकर राजस्थान तरफ जाने वाले रास्ते पर नाकेबंदी की तो एंबुलेंस लिखी हुई टवेरा कार क्रमांक आरजे-01 पीए-4534 को रोका। कार को अजय उर्फ बबलू पिता घनश्याम खटीक निवासी केकड़ी (राजस्थान) चला रहा था और साइड में कल्याणमल पिता किशन गुर्जर निवासी सौकलिया अजमेर (राजस्थान) बैठा हुआ था। एंबुलेंस कार की पीछे फाटक खोलकर देखा तो अंदर सीटें नहीं होकर सीटों के स्थान पर काले और पीले रंग के कट्टे भरे हुए दिखे।
बता दें कि कुल 12 कट्टों में भरे हुए डोडा चूरा का वजन करवाया गया तो दो क्विंटल 91 ग्राम डोडा चूरा पाया गया। इसकी कीमत करीब पांच लाख रुपये आंकी गई है। दोनों तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मनासा थाना प्रभारी शिव रघुवंशी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि पुलिस से बचने के लिए टवेरा कार को एंबुलेंस का रूप दिया गया।ताकी टोल नाके से लेकर अन्य जगह पर कोई रोके न और हूटर बजाने पर एंबुलेंस को लोग रास्ता दे दें। दोनों तस्करों से डोडा चूरा के स्रोत के बारे में पूछताछ जारी है।