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Nauradehi Sanctuary: नदी में तैरकर गर्मी दूर कर रहा बाघों का परिवार, शाकाहारी जानवरों पर भोजन का संकट

Sat, 08 Apr 2023 07:07 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह/सागर

सार

Nauradehi Sanctuary: मध्यप्रदेश में दमोह और सागर जिले की सीमा से सटे प्रदेश के नौरादेही अभ्यारण में इस समय 12 बाघ मौजूद हैं। जो अभ्यारण के अलग-अलग कोने में अपना एरिया बनाए हुए हैं।
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गर्मी दूर का रहा बाघों का परिवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गर्मी का मौसम आते ही जंगल में रहने वाले बाघ अब गर्मी से राहत पाने के लिए नदी में अटखेलियां कर रहे हैं। पूरा दिन नदी के आसपास ही डेरा डाले रहते हैं। वहीं, बाघ और शावक भी पहली बार साथ दिखाई दिए हैं, जबकि इसके पहले बाघ और शावकों को साथ नहीं देखा गया है। वहीं, पतझड़ के कारण शाकाहारी जानवरों के लिए भोजन का संकट भी खड़ा हो गया है।

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वर्तमान समय में नौरादेही अभ्यारण में 12 बाघ मौजूद हैं, जिनमें छह वयस्क हैं। जबकि छह शावक हैं, ये सभी शिकार के लिए भी आत्मनिर्भर हो गए हैं और अकेले ही अब शिकार पर हमला बोल देते हैं। जबकि बाघिन राधा की दूसरी बेटी एन-11 का अभी कुछ पता नहीं हैं। हाथियों के सहारे वनकर्मी उसकी खोज कर रहे हैं। साथ ही नौरादेही को बाघों से आबाद करने वाली बाघिन राधा ने जिन शावकों को जन्म दिया था, वह गुफा से बाहर दिख रहे हैं। राधा की बेटी एन-12 ने जिन शावकों को जन्म दिया, वह काफी समय से अभयारण की सुरक्षा में लगे वन कर्मियों को दिखाई नहीं दिए। इसके अलावा एक अन्य बाघ भी पिछले दो साल से नौरादेही में आकर बस गया है, जिसने अपना अलग ठिकाना बना लिया है।

राधा के चार शावकों में तीन मादा एक नर...
बाघिन राधा ने दूसरी बार छह नवंबर 2021 को चार शावकों को जन्म दिया था। शावकों के नर और मादा होने की पहचान हो गई है। चार शावकों में तीन मादा है और एक नर है।  वहीं, राधा की बेटी ने भी कुछ समय बाद दिसंबर 2021 में दो शावकों को जन्म दिया था, उनकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है कि दोनों नर हैं या मादा। काफी समय से ये शावक कैमरे में भी कैद नहीं हुए हैं। अभ्यारण के अधिकारी, कर्मचारी उनकी खोजबीन में लगे हुए हैं। जबकि राधा के शावक कई जगह मां के साथ तो कभी चारो एक साथ कैमरे में कैद हुए हैं।
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अभ्यारण में पहले बाघ किशन और राधा को ही कालर आईडी लगाई गई थी। उसके बाद जन्मे नौ शावकों को आज तक कालर आईडी नहीं लगाई गई और नहीं उस 12वें बाघ को कालर आईडी लगी है। इसके अलावा बाघ और बाघिन की कालर आईडी भी खराब होने की जानकारी है। इसलिए 12 बाघों की लोकेशन नहीं मिल रही। उनकी खोज में वनकर्मी पदमार्क ढूंडते हैं या फिर हाथियों की मदद ली जाती है।

उपवन मंडल अधिकारी ने क्या बताया...
नौरादेही के उपवन मंडल अधिकारी सेवाराम मलिक ने बताया कि अभ्यारण्य में हरे पेड़ हैं और पानी के साधन भी हैं। जंगलों में शाकाहारी जानवर इधर-उधर घूमते रहते हैं। बाघ बाघिन की आईडी कॉलर खराब हो चुकी है। राधा ने दूसरी बार में जिन चार शावकों को जन्म दिया है, वह सभी एक साथ भी दिखाई देते हैं। लेकिन उसकी बेटी एन-12 से जन्मे दो शावक अभी लापता हैं। अभ्यारण बड़ा है, खोजबीन चल रही है।

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