मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत हो रहे विवाह में उस वक्त विवाद खड़ा हो गया, जब 9 दुल्हनों के गर्भ से होने की बात सामने आई।
यहां एक सरकारी स्कूल में कन्यादान योजना के तहत 450 दुल्हनों का विवाह किया जा रहा था।
तभी दो महिला स्वास्थकर्मी जयश्री बुधौलिया और दुर्गा मालवीय ने वहां पहुंचकर दुल्हनों का गर्भ परीक्षण किया।
इस परीक्षण में 8 दुल्हनों के गर्भ से होने की बात सामने आई।
मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम एके रिछारिया और तहसीलदार अलका इक्का मौके पर पहुंचीं।
उन्होंने दुल्हनों से वह सारा सामान वापस ले लिया जो शादी के बाद दिया जाना था।
रकम और सामान का लालच
कन्यादान योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों की शादी करवाई जाती है। इसके तहत एक निश्चित रकम और तोहफों के रूप में काफी सामान दिया जाता है।
पैसे और तोहफों के लालच में लगातार इस तरह के मामले सामने आए हैं जहां फर्जी तरीके से शादीशुदा लोगों ने योजना के फायदे लिए दुबारा शादी करने की कोशिश की।