भारतीय जनता पार्टी के पूर्व वरिष्ठ नेता और भारतीय जनशक्ति पार्टी से मऊगंज के विधायक रहे लक्ष्मण तिवारी रविवार को समाजवादी पार्टी की साइकिल पर सवार हो गए। लक्ष्मण तिवारी ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाथों पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। सदस्यता लेते ही सपा ने उन्हें रीवा जिले के सिरमौर विधानसभा से अपना प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है, जिसके बाद अगामी विधानसभा चुनाव में वह बीजेपी और कांग्रेस सहित बसपा की नींद उड़ाने के लिए चुनावी मैदान पर उतरेंगे। सपा में शमिल होकर लक्ष्मण तिवारी ने सिरमौर की सियासत का सारा गुणाभाग ही पलट कर रख दिया है।
लवणभास्कर चूर्ण और लेमन जूस की तरह लाडली बहना योजना
रविवार को सपा में शमिल होने के बाद सोमवार को लक्ष्मण तिवारी रीवा पहुंचे, जिसके बाद उन्होंने अपने निज निवास में स्थानीय पत्रकारवार्ता का आयोजन किया। पत्रकारवार्ता के दौरान सपा नेता लक्षमण तिवारी के बोल बिगड़ गए और उन्होंने सीएम शिवराज को महफिल का नाचौना कह दिया। इतना ही नहीं लाड़ली बहन योजना को लवणभास्कर चूर्ण और लेमन जूस बताया। लक्ष्मण तिवारी ने मुख्यमंत्री पर हमलवार होते हुए आरोपों की झड़ी लगानी शुरू कर दी। लक्ष्मण ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी जनता को ठग रही है। भाजपा रुपये देकर वोट खरीद रही है तो कांग्रेस वोट के लिए रुपये देने का वादा कर रही है।
CM शिवराज महफिल का नचौना: लक्ष्मण तिवारी
लाडली बहना योजना सिर्फ तमाशा है। लाडली बहना योजना तो ठगने का बहाना है, जैसे बच्चो को ठगने के लिए लेमन जूस और टॉफी दी जाती थी। शिवराज सिंह मुख्यमंत्री का दायित्व नहीं निभा रहे है वह तो नाच रहे है जैसे कोई महफिल में नाचता है एक माइक हाथ में लेकर नचौना कर रहे है। पढ़े लिखे लोगों और बुद्धजीवी को यह नाच पसंद नहीं आ रहा है। पूर्व विधायक ने कहा हर महीने 1500 करोड़ रुपये उधार लेना किसके सिर पर जायेगा। 325 रुपये किलो जीरा 825 रुपये का हो गया।
2008 से 2023 तक लक्ष्मण तिवारी का सफर
बता दें, 2008 के पहले लक्ष्मण तिवारी ने सवर्ण समाज पार्टी का गठन किया। इसके बाद बर्ष 2008 में उमा भारती की जनशक्ति पार्टी से टिकट लेकर लक्ष्मण तिवारी ने मऊगंज से चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर ली। कुछ महिने बाद उमा भारती की जनशक्ति पार्टी का बीजेपी में विलय हो गया और लक्ष्मण भी भाजपा के हो गए। इसके बाद 2013 ने भाजपा ने लक्ष्मण तिवारी को मऊगंज से टिकट देकर कर मैदान पर उतारा लेकिन कांग्रेस के सुखेंद्र सिंह बन्ना ने उन्हें करारी शिकस्त दे दी। 2018 में भाजपा ने लक्ष्मण तिवारी की टिकट काट कर प्रदीप पटेल को अपना प्रत्याशी बनाया और जीत हासिल की, जिसके बाद भाजपा ने पहली बार मऊगंज में अपना खाता खोला. इसके बाद लक्ष्मण तिवारी ने बीजेपी से अपना मुंह मोड़ लिया।
बीजेपी, काग्रेस और बीएसपी का खेल बिगाड़ेंगे लक्ष्मण
लक्ष्मण तिवारी अब मऊगंज का मोह छोड़कर जिले के सिरमौर विधानसभा से अपना भाग्य आजमाने के तैयारी में जुट चुके है. लेकीन इस बार वह सामजवादी पार्टी के साइकिल में सवार होकर चुनावी मैदान उतरने वाले है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के हाथों लक्ष्मण तिवारी ने सदस्यता ली है जिसके बाद उन्हें सिरमौर का प्रत्याशी भी घोषित किया गया है. बीते दिनो सिरमोर में पूर्व डीएसपी बीडी पाण्डेय ने हाथी में सवार होकर काग्रेस की दावेदारी करने वाले नेता व बीजेपी के लिए मुश्किले खडी कर दी थीं जिसके बाद अब लक्ष्मण तिवारी ने सपा पार्टी से सिरमौर विधनसभा की टिकट लेकर सब की नींद उड़ा दी और सिरमौर की सियासत में लगाया गया गुणा भाग ही उलट कर रख दिया.