मप्र के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस
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मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव (सीएस) को लेकर संशय बना हुआ है। सीएस इकबाल सिंह बैंस 30 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे है, लेकिन अब तक उनका कार्यकाल बढ़ाए जाने को लेकर कोई आदेश नहीं हुए है। हालांकि मंगलवार को बैंस का कार्यकाल बढ़ने के आदेश को लेकर चर्चा हुई, लेकिन आधिकारिक रूप से कोई आदेश नहीं हुए। इस बीच सीएस पद के लिए प्रबल दावेदार माने जा रहे 1989 बैंच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन 1 दिसंबर को भोपाल में रहेंगे। इसके चलते सीएस के नाम को लेकर फिर अटकलें तेज हो गई है।
जानकारों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि मुख्य सचिव के सेवानिवृत्ति के 24 घंटे पहले तक असमंजस बना हुआ है। इससे पहले 15 दिन पहले ही नए सीएस के नाम के आदेश हो जाते थे या फिर मौजूदा सीएस के बने रहने का ऐलान हो जाता था। नए सीएस के नाम को लेकर दिल्ली से लेकर भोपाल तक अटकलें लग रही है।
प्रदेश के मौजूदा मुख्या 1985 बैच के आईएएस इकबाल सिंह बैंस का कार्यकाल 30 नवंबर को पूरा हो रहा है। लेकिन अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने को लेकर कोई आदेश नहीं हुए है। प्रदेश में 2023 में विधानसभा चुनाव है। ऐसे में चर्चा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इकबाल सिंह बैंस को ही एक्सटेंशन देने के पक्ष में है। इसका कारण बैंस का सीएम के भरोसेमंद अधिकारी होना है। दोनों के बीच अच्छा तालमेल भी एक कारण है। कांग्रेस की सरकार जाने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 1985 बैच के आईएएस अधिकारी इकबाल सिंह बैंस को सीएस बनाया था। इसके लिए 6 अधिकारियों की वरिष्टता को नजरअंदाज किया गया था।
इस बीच मंगलवार को अनुराग जैन का 1 दिसंबर को वल्लभ भवन में गति शक्ति योजना का एक कार्यक्रम का मैसेज वायरल होने से अब नए सीएस को लेकर फिर अटकलें लगने लगी है। दरअसल 1 दिसंबर को ही नए सीएस का कार्यकाल शुरू होगा। उसी दिन अनुराग जैन का वल्लभ भवन में समीक्षा बैठक को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। बता दें जैन भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भरोसेमंद अधिकारियों में आते है। वह पहले भी सीएम के साथ काम कर चुके हैं।