दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के सैलवाड़ा हाईस्कूल से कक्षा दसवीं के विज्ञान पेपर लीक मामले में फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क की जाएगी। प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है और पुलिस द्वारा संपत्ति से संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। बता दें कि इस मामले में पुलिस ने दस लोगों को आरोपी बनाया था, जिसमें पांच गिरफ्तार हो गए थे, लेकिन पांच अभी भी फरार चल रहे हैं।
बता दें कि 20 मार्च को कक्षा दसवीं के विज्ञान विषय का अंतिम पेपर सैलवाड़ा हाईस्कूल से लीक हुआ था। जानकारी लगते ही दमोह कलेक्टर और एसपी सहित शिक्षा विभाग का अमला सैलवाड़ा परीक्षा केंद्र पहुंचा था। छानबीन में पता चला था कि स्कूल के चपरासी छोटू रजक द्वारा पेपर लीक किया गया है। तत्कालीन कलेक्टर एसकृष्ण चैतन्य और एसपी राकेश कुमार सिंह ने जांच के बाद आठ लोगों पर मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। निर्देश मिलते ही तेंदूखेड़ा पुलिस ने चार लोगों को तत्काल पुलिस अभिरक्षा में ले लिया था और शेष तीन आरोपी जानकारी लगते ही फरार हो गए थे। बाद में पूछताछ के दौरान आरोपितों ने दो अन्य लोगों के नाम भी बताए थे उनको भी पुलिस ने आरोपी बनाया था उसमें एक को तो गिरफ्तार कर लिया था दूसरा फरार है। पांच की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि शेष पांच फरार चल रहे हैं। जिनकी पुलिस लगातार खोजबीन में लगी है, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। सूत्रों के मुताबिक अब फरार आरोपियों की संपत्ति के दस्तावेज पुलिस द्वारा खोजे जा रहे हैं। आरोपियों की संपत्ति कुर्की करने की तैयारी की जा रही है। एक निजी स्कूल की संचालिका जिसको तेंदूखेड़ा पुलिस ने बयानों के आधार पर आरोपी बनाया था उसे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।
यह हैं फरार
तेंदूखेड़ा पुलिस के अनुसार जो पांच आरोपी फरार चल रहे हैं उनमें सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य कुंजीलाल चोकसे, शिक्षक गुड्डा पाल, अतिथि शिक्षक पूनम सिंह, भानु गर्ग और पप्पू घोषी शामिल हैं। इनकी पुलिस तलाश कर रही है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो पाई। पूरे मामले में तेंदूखेड़ा एसडीओपी डीएस ठाकुर ने बताया कि पेपर लीक मामले में पांच आरोपी फरार चल रहे हैं। पुलिस लगातार उनकी खोजबीन कर रही है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। इसलिए अब फरार आरोपियों की संपत्ति की जांच पड़ताल की जा रही है उसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद आगे कार्रवाई होगी।