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MP News: मंत्री विश्वास सारंग बोले हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई शुरू करना प्रदेश के लिये सबसे बड़ी उपलब्धि

Wed, 12 Oct 2022 11:53 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एमबीबीएस की हिंदी पुस्तकों का 16 अक्टूबर को विमोचन करेंगे। बुधवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर कार्य की प्रगति का निरीक्षण कर वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। 
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मंत्री विश्वास सारंग ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बुधवार को कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जो हिंदी में भी मेडिकल की पढ़ाई की शुरूआत करने जा रहा है। 16 अक्टूबर रविवार को राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एमबीबीएस प्रथम वर्ष की हिंदी पुस्तकों का विमोचन करेंगे। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिये लाल परेड मैदान पर तैयारियां तेजी से चल रही है। 

सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ‘हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई’ प्रारंभ करने का सपना साकार होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार मध्यप्रदेश में हिंदी में भी मेडिकल की पढ़ाई का शुभारंभ होने से विगत 6 माह में पुस्तकों के हिंदी रूपांतरण के लिये चिकित्सा शिक्षा विभाग का परिश्रम फलीभूत होने जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष की तीन पुस्तकें एनाटॉमी, फिजियोलॉजी एवं बायो केमिस्ट्री बनकर तैयार है। 16 अक्टूबर को लाल परेड ग्राउंड पर दोपहर 12 बजे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा तीनों हिंदी पुस्तकों का विमोचन किया जायेगा। 

सारंग ने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में शुरू होने से पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल है। वहीं अन्य हिंदी भाषी राज्यों में भी मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग की इस पहल को सराहा जा रहा है। इस अकल्पनीय कार्य की सफलता के लिये देश के अन्य हिंदी भाषी राज्यों से भी उन्हें लगातार कॉल आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हिंदी माध्यम से शिक्षित छात्र कड़ी मेहनत कर नीट की परीक्षा में तो उत्तीर्ण हो जाते हैं। एमबीबीएस में अंग्रेजी भाषा होने से उन्हें कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। वहीं अब हिंदी में पाठ्यक्रम होने से चिकित्सा विद्यार्थियों की समझ एवं ज्ञानार्जन में इजाफा होगा।

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