मध्य प्रदेश में लाउडस्पीकर को लेकर सियासत गरमा रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने लाउडस्पीकर विवाद पर कहा कि यह एक निजी मामला है। इसे पब्लिक का मुद्दा बनाना ठीक नहीं है। इससे लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई है।
कमलनाथ ने रवींद्र भवन में मीडियाकर्मियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर का उपयोग कई जगह होता है। छोटी-छोटी सभाओं में उपयोग होता है। वे इससे सहमत है कि लाउडस्पीकर का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। कमलनाथ ने बिजली संकट पर कहा कि प्रदेश में बिजली व कोयला संकट से लोग परेशान चल रहे हैं। बिजली कटौती से किसान, व्यापारी और छात्र परेशान है। यह सब पिछले दो साल के भ्रष्टाचार का नतीजा है। आज शिवराज सरकार में बगैर भ्रष्टाचार और कमीशन दिए बिना कोई सौदा नहीं हो पा रहा है। भाजपा सरकार बिजली संकट और कोयला संकट को मजाक में ले रही है। कमलनाथ ने कहा कि यह स्थिति आज उत्पन्न नहीं हुई है। पिछले दो-तीन महीने से यह संकट दिख रहा था। यह कोई अचानक से बाढ़ या भूंकप नहीं आया है।
महाराष्ट्र में मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने को मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि लाउडस्पीकर नहीं हटाए तो मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा पढ़ेंगे। इसके बाद देशभर में मुद्दा गरमा गया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में लाउडस्पीकर को लेकर नए दिशानिर्देश भी जारी हुए हैं। देशभर में लाउडस्पीकर को लेकर बहस शुरू हो गई है।