मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के आलोट के ग्राम माल्या में हुई घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहां दो बदमाशों ने एक महिला और उसके तीन साल के मासूम का अपहरण कर लिया। आरोपियों ने गांव के जंगल के पास बच्चे के पेट पर कपड़ा बांधा और उसके मुंह में फेवीक्विक लगाकर झाड़ियों में फेंक दिया।
ग्रामीणों की मदद से बच्चे को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया जिससे उसकी जान बच सकी। वहीं पुलिस ने महिला को लेकर भाग रहे बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। घटना का मंगलवार सुबह तब पता चला जब कुछ युवक मवेशियों को चराने के लिए जंगल में रेलवे पटरी की तरफ गए। वहां उन्हें झाड़ियों में एक बेसुध बच्चा पड़ा हुआ मिला। उसके पेट और हाथ कपड़े से बंधे हुए थे।
युवकों ने इसकी सूचना गांव के चौकीदार को दी। इसके बाद चौकीदार गांव के कुछ लोगों को लेकर मौके पर पहुंचे। गांववालों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी और बच्चे को आलोट के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी जान बच गई। कुछ देर बाद रेलवे ट्रैक के पास एक महिला और दो युवक भागते हुए दिखे तो चौकीदार और ग्रामीणों ने उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
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घटना के 12 घंटे बाद अफजलपुर थाना पुलिस ने अपहरण, हत्या के प्रयास और दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया। पीड़ित महिला का कहना है कि वह बाबरेचा की रहने वाली है। कुछ दिनों से वह अपने मायके रतीखेड़ी में रह रही थी। आरोपी हरीश और मांगीलाल 18 जुलाई को डरा-धमकाकर उसे और उसके तीन साल के बच्चे को ले गए। महिला ने आरोपियों पर दुष्कर्म के साथ ही बच्चे की हत्या करने का भी आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार अफजलपुर थाना क्षेत्र में 18 जुलाई की रात एक महिला और उसके बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। 21 जुलाई को रतलाम के आलोट में महिला के मिलने की सूचना मिली। आरोपी मांगीलाल और हरीश महिला और उसके बच्चे का अपहरण कर अपने साथ ले गए थे। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।