मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में अतिक्रमण का मामला सामने आया है। जहां ग्रेटर कैलाश कॉलोनी में सरकारी जमीन पर बने 10 मकान मालिकों को तहसीलदार ने नोटिस जारी किए हैं। अब जल्द ही इन मकानों को तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी, कहा जा रहा है कि कॉलोनाइजर की गलती से निर्दोष लोगों के आशियाने टूटेंगे।
दरअसल, इससे पहले तहसील न्यायालय ने कॉलोनाइजर किरण पति विनोद उकावत पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने पर 10 हजार का जुर्माना लगाकर जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इस निर्देश को कॉलोनाइजर ने हवा में उड़ा दिया। अब करीब एक माह बाद सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रह रहे 10 लोगों को नोटिस दिया है। इससे हड़कंप मच गया है। हालांकि मकान में रह रहे लोगों की कोई गलती नही है, उन्हें तो कॉलोनाईजर ने सरकारी जमीन पर कॉलोनी काटकर प्लॉट बेचे थे, इसी जमीन पर इन्होंने मकान बनाए हैं।
जानकारी अनुसार कॉलोनाईजर किरण (पिता विनोद उकावत निवासी मंदसौर) द्वारा ग्राम जग्गाखेडी स्थित शासकीय भूमि सर्वे नंबर 852 रकबा 0.210 हेक्टेयर में से रकबा 0.018 हेक्टेयर पर अवैध रूप से कब्जा कर अतिक्रमण कर कॉलोनी काट दी थी। राजस्व विभाग की टीम ने जांच की तो पता चला कि कॉलोनी में भूखंड क्रमांक 120 से लेकर 134 तक सरकारी जमीन पर है। इसमें 10 मकान बने हुए हैं। एक निर्माणाधीन है। वहीं 4 भूखंड रिक्त है। बाकी पर कॉलोनी की दीवार बनी हुई है।
इन्हें जारी किए नोटिस
कॉलोनी में मकान बनाकर रह रहे भूखंड क्रमांक 121 पर पूजा गुलाबचंद कछावा, 122 राजेश रामलाल, 123 पारसमल गोपीचंद, 124 विनोद पंवार, 125 से 127 तक रिक्त भूखंड है। 128 निर्माणाधीन मकान है। 129 चैनसिंह जमरा, 130 नर्मदा शांतिलाल, 131 संतोष कौर, 132 ए देवकन्या हरिशचंद आर्य, 132 बी ज्योति मनीष जैन, 133 भुवानीशंकर रामलाल वसीठा और 134 रिक्त है। तहसीलदार ने कहा कि इस मामले में कानून के मुताबिक नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। सरकारी जमीन पर बने मकान मालिकों को नोटिस जारी कर दिए है। आगे की कार्रवाई जल्द की जाएगी।