मध्य प्रदेश के पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण एक बड़ा मुद्दा बन गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण पर रोक लगा दी है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेत्री उमा भारती ने मांग की है कि प्रदेश में बिना OBC आरक्षण के पंचायत चुनाव न कराए जाए। जो भी रास्ते हो, वह निकाले जाने चाहिए। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर को मध्य प्रदेश में चल रहे पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए हैं कि OBC के लिए आरक्षित सीटों को दोबारा नोटिफाई किया जाए। इस मुद्दे पर भाजपा की बड़ी OBC नेत्री उमा भारती ने कहा कि "मध्य प्रदेश के पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण पर लगी हुई न्यायिक रोक चिंता का विषय है। मेरी अभी सुबह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी से फोन पर बात हुई है। मैंने उनसे आग्रह किया है कि OBC आरक्षण के बिना मध्य प्रदेश में पंचायत का चुनाव मध्यप्रदेश की लगभग 70% आबादी के साथ अन्याय होगा। पंचायत चुनाव में OBC की भागीदारी सुनिश्चित करने का समाधान किए बिना पंचायत चुनाव ना हो सके इसका रास्ता हमारी मध्य प्रदेश की सरकार को निकालना ही चाहिए। मुझे शिवराज जी ने बताया कि वह इस विषय पर विधि विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं।
1. मध्य प्रदेश के पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण पर लगी हुई न्यायिक रोक चिंता का विषय है।
— Uma Bharti (@umasribharti) December 20, 2021
मुख्यमंत्री ने बुलाई अहम बैठक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण को लेकर अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक मंत्रालय में होगी। प्रदेश के महाधिवक्ता, विधि विभाग के प्रमुख सचिव सहित कई विधि विशेषज्ञ इस बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण पर रोक के संबंध में राज्य सरकार के अगले कदम को लेकर चर्चा होगी।