सांविधानिक जानकारों के मुताबिक विश्वास मत हासिल करने की तय तारीख के उल्लंघन के बाद राज्यपाल के पास सांविधानिक तौर पर दो विकल्प हैं।
- बहुमत साबित करने के लिए सीएम कमलनाथ को दोबारा पत्र लिखने के अधिकार का प्रयोग राज्यपाल ने सोमवार को किया।
- राज्य में सांविधानिक व्यवस्था ठप होने की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजकर राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर सकते हैं।
विधानसभा सत्र में शामिल होने रविवार आधी रात भोपाल पहुंचे भाजपा विधायक सोमवार शाम राज्यपाल लालजी टंडन से मिलकर हरियाणा के मानेसर जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे लेकिन, वहीं से लौट आए। अब विधायकों को सिहोर के एक रिसॉर्ट में रखा जाएगा। इस बीच, कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा, मप्र के मंत्री उमंग सिंघार, जीतू पटवारी, मध्यप्रदेश के महाधिवक्ता शशांक शेखर विशेष विमान से दिल्ली रवाना हुए।
भाजपा कांग्रेस द्वारा समय खींचने की कोशिशों के चलते अपने विधायकों में तोड़फोड़ का मौका नहीं देना चाहती। रविवार को कुछ कांग्रेस के नेताओं ने कहा था कि भाजपा के नौ विधायक संपर्क में हैं। इसके बाद उन्हें दोबारा मानेसर ले जाने का फैसला हुआ, हालांकि अंतिम समय में विधायकों की रवानगी टल गई। दरअसल, भाजपा नेताओं को भरोसा है कि कांग्रेस के 22 विधायकों की बगावत के बाद भाजपा का शायद ही कोई विधायक टूटे।