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MP: महाकाल लोक बनने से रोजगार बढ़ा, लेकिन VIP कल्चर से नाराजगी, उज्जैन संभाग की 29 कांग्रेस-भाजपा लगा रहीं जोर

Tue, 14 Nov 2023 05:25 AM IST
जलज मिश्रा महेंद्र तिवारी, भोपाल

सार

महाकाल लोक के निर्माण में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों के असर पर वस्त्र विक्रेता प्रह्लाद कुमार कहते हैं, कांग्रेस इसे मुद्दा बना रही है। लेकिन, इसका ज्यादा असर नहीं है। वीआईपी दर्शन जरूर मुद्दा है। प्रह्लाद कहते हैं कि इसके बावजूद सनातन की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला काम भाजपा ने किया है। यह लोग महसूस कर रहे हैं। इसका फायदा मिलना चाहिए।
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MP Election 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिप्रा तट पर बसी महाकाल की नगरी उज्जैन में दस्तक देते ही मिले फूल विक्रेता अजय चौधरी ने कहा कि भगवान के दर्शन में भी वीआईपी कल्चर कहां तक उचित है? हालांकि महाकाल लोक ने यहां का आकर्षण बढ़ा दिया है।  कारोबार तेजी से बढ़ा है। रोजगार के बड़े अवसर बढ़े। लेकिन, पैसा देकर महाकाल के जल्दी दर्शन की व्यवस्था भेदभाव वाली है।

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महाकाल लोक के निर्माण में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों के असर पर वस्त्र विक्रेता प्रह्लाद कुमार कहते हैं, कांग्रेस इसे मुद्दा बना रही है। लेकिन, इसका ज्यादा असर नहीं है। वीआईपी दर्शन जरूर मुद्दा है। प्रह्लाद कहते हैं कि इसके बावजूद सनातन की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला काम भाजपा ने किया है। यह लोग महसूस कर रहे हैं। इसका फायदा मिलना चाहिए। उज्जैन संभाग में कुल सात जिले और 29 विधानसभा सीटें आती हैं। वर्तमान में यहां भाजपा के 18, कांग्रेस के 10 और और एक निर्दलीय विधायक है। संभाग में दो पूर्व मुख्यमंत्री पुत्रों, शिवराज सिंह चौहान सरकार के कई मंत्रियों के अलावा देवास में भाजपा की गायत्री राजे पवार और कांग्रेस के दो दिग्गज नेता पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सोनकच्छ और भाजपा से कांग्रेस में आए दीपक जोशी की खातेगांव सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है। खास बात ये है कि कांग्रेस ने इस बार कई सीटों पर अपने पिछले चुनाव के बागियों पर भरोसा किया है।

उज्जैन दक्षिण: उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव के सामने यादव की ही चुनौती
उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से भाजपा प्रत्याशी हैं। कांग्रेस ने अपने प्रदेश महासचिव चेतन प्रेम नारायण यादव को उतारा है। मोहन यादव का यहां अच्छा प्रभाव नजर आ रहा है।
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खातेगांव: भाजपा से सीट छीनने के लिए पूर्व सीएम के बेटे को उतारने का दांव
खातेगांव में दो ऐसे प्रत्याशी आमने-सामने हैं जो कुछ महीने पहले तक एक ही पार्टी में थे। भाजपा को आगे बढ़ाते रहे पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी कई बार विधायक व शिवराज सरकार में मंत्री भी रहे। 2018 में हाटपिपलिया सीट से कांग्रेस के   मनोज चौधरी से हारे। मनोज भाजपा में आ गए। अब भाजपा प्रत्याशी हैं। कांग्रेस ने दीपक को खातेगांव सीट दे दी। यहां से भाजपा  विधायक आशीष शर्मा हैं। यहां दीपक के आने से लड़ाई कांटे की हो गई है।

उज्जैन उत्तर: भाजपा और कांग्रेस दोनों के नए प्रत्याशी, कड़ी जंग
भाजपा ने छह बार के विधायक पारस जैन का टिकट काटकर प्रदेश सह कोषाध्यक्ष अनिल जैन कालूहेड़ा को दिया है। कांग्रेस ने पिछले चुनाव में निर्दलीय लड़ीं माया त्रिवेदी को मौका दिया है। यहां विवेक जैन बताते हैं कि प्रारंभ में दोनों ही दलों में घोषित प्रत्याशियों का विरोध था। अब स्थिति सामान्य हो गई है।

मल्हारगढ़: वित्त मंत्री के क्षेत्र में लोग गिना रहे काम
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ से प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा सात बार के विधायक हैं। कांग्रेस से परशुराम सिसौदिया हैं। देवड़ा का प्रभाव नजर आता है। लोग सरकार की योजनाएं और काम भी गिनाते हैं। कांग्रेस की कर्जमाफी व बिजली बिल से जुड़े वादे की भी काफी चर्चा है।

देवास: गायत्री राजे की लड़ाई एकतरफा नहीं
देवास के राजपरिवार के प्रभाव वाली इस सीट से पूर्व राज परिवार की गायत्री राजे पवार फिर मैदान में हैं। कांग्रेस से प्रदीप चौधरी हैं। देवास के उदय प्रताप कहते हैं कि प्रदीप खाती समाज से आते हैं। इस समाज का यहां अच्छा वोट है। लड़ाई गायत्री राजे के लिए निश्चिंतता व एकतरफा वाली नहीं है। इसीलिए वह बहुत गंभीरता से चुनाव लड़ रही हैं।

जावद: मतदाताओं के मौन ने मंत्री सखलेचा का छीना चैन
सीट से प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री और पूर्व सीएम वीरेंद्र सखलेचा के बेटे ओम प्रकाश सखलेचा मैदान में हैं। वे चार बार के विधायक हैं। कांग्रेस ने समंदर पटेल को उतारा है। समंदर 2018 के चुनाव में कांग्रेस से बगावत कर चुनाव लड़े थे। यहां की जीत-हार में धाकड़, गुर्जर व आदिवासी समाज की अहम भूमिका होती है।

सुवासरा : मंत्री हरदीप सिंह डंग के क्षेत्र में बदलाव की भी बातें
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में आए। 2018 में कांग्रेस से 500 से भी कम वोटों से जीते थे। सत्ता बदल के बाद उपचुनाव में भाजपा से करीब 30 हजार के अंतर से जीते थे। उपचुनाव में डंग से हारे राकेश पाटीदार फिर कांग्रेस प्रत्याशी हैं। लड़ाई काफी कड़ी नजर आ रही है।

सोनकच्छ: कांग्रेस ने सीट बचाने के लिए भाजपा प्रत्याशी के बाहरी होने का चला दांव
देवास जिले की सोनकच्छ सीट पर कांग्रेस के सज्जन सिंह वर्मा का होल्ड नजर आता है। कई भाजपा समर्थक भी उनकी सक्रियता की बात करते हैं। भाजपा ने राजेश सोनकर को उतारा है। कांग्रेस उनके क्षेत्र से बाहर का होने का मुद्दा उठा रही है।

आलोट: कांग्रेस को भितरघात की चुनौती भाजपा के पूर्व सांसद देख रहे अवसर
रतलाम की आलोट से कांग्रेस ने अपने मौजूदा विधायक मनोज चावला को टिकट दिया है। भाजपा ने उज्जैन के पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय को उतारा है। कांग्रेस भितरघात न रोक पाई तो सीट जा सकती है। यहां कांग्रेस के बागी पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू मैदान में हैं।

प्रमुख मुद्दे
लोग स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए विशेष ध्यान देने की बात करते हैं।
फूड प्रोसेसिंग इकाइयां न होने से स्थानीय उत्पादों की अच्छी कीमत मिलने में मुश्किल होती है। nकांग्रेस की कर्जमाफी व भाजपा की किसान सम्मान निधि किसानों में चर्चा का विषय है।
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रतलाम के शहरी इलाके में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बड़ा मुद्दा है। 
उज्जैन में यातायात प्रबंधन बड़ा मुद्दा है, भीड़ बढ़ते ही यातायात ध्वस्त हो जाता है।

 

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