कांग्रेस के पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें औपचारिक तौर पर पार्टी में शामिल कराया। हालांकि दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में नड्डा और सिंधिया की मौजूदगी के बीच सभी निगाहें मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ढूंढती रहीं।
शिवराज सिंह की गैर मौजूदगी से काफी अटकलें भी शुरू हुईं। कयास लगाए गए कि कहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने की वजह से वह नाराज तो नहीं हैं। मगर कुछ ही देर बाद शिवराज ने अपना बयान जारी कर स्थिति साफ कर दी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर सिंधिया का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा, 'स्वागत है महाराज साथ है शिवराज।' इसके अलावा उन्होंने कहा, 'यह निजी तौर पर मेरे लिए और भाजपा के लिए खुशी का दिन है। आज मैं राजमाता सिंधिया को याद कर रहा हूं। ज्योतिरादित्य सिंधिया अब भाजपा के परिवार का हिस्सा हैं। यशोधरा जी यहां हमारे साथ हैं। पूरा परिवार अब भाजपा में है। उनकी एक परंपरा है जहां राजनीति लोगों की सेवा करने का एक माध्यम है।'
उन्होंने राजमाता को याद करते हुए कहा, 'श्रद्धेय राजमाता स्नेह,आत्मीयता, प्रेम की प्रतिमूर्ति थीं और भारतीय जनसंघ के काम को देश विशेषकर मध्यप्रदेश में स्थापित करने में उनका अतुलनीय योगदान था। आज उनके पोते भाजपा परिवार में सम्मिलित हुए हैं। मैं उनका हृदय से स्वागत करता हूं।'
पहले कहा था 'माफ करो महाराज'
इससे पहले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने प्रचार के दौरान एक नारा दिया था, 'माफ करो महाराज हमारा नेता शिवराज'। शिवराज कई मौकों पर सिंधिया पर तंज कस चुके थे।