मध्य प्रदेश में तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण से अधिवक्ताओं, न्यायाधीशों और न्यायिक कर्मचारियों को बचाने के लिए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आर.वी. मलिमठ ने 10 जनवरी से वर्चुअल मोड में सुनवाई करने का फैसला किया है।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से उच्च न्यायालय,खंडपीठ और तहसील में काम करने वाले कर्मचारी संक्रमित हो रहे हैं, जिसे देखते हुए मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष शैलेंद्र वर्मा ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आर.वी. मलिमथ को पत्र लिखकर हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर, खंडपीठ ग्वालियर, इंदौर सहित प्रदेश के सभी जिला एवं तहसील न्यायालयों में प्रकरणों की वर्चुअल सुनवाई करने का निवेदन किया था।
स्टेट बार कौंसिल के आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस ने आगामी 10 जनवरी से वर्चुअल सुनवाई कराने का निर्णय लिया है। जिन अधिवक्ताओं के पास वर्चुअल सुनवाई की सुविधा नहीं है उन्हें हाईकोर्ट का आईटी विभाग वर्चुअल सुनवाई की सुविधा प्रदान करेगा। केसों की फाइलिंग प्रत्यक्ष व वर्चुअल दोनों मोड से की जाएगी।