मध्य प्रदेश बैंक फ्रॉड की घटना ने भारतीय स्टेट बैंक और आम आदमी दोनों को हैरान कर दिया है। दरअसल यहां श्योपुर में एसबीआई के लॉकर से 15 किलो से ज्यादा सोना गायब कर दिया गया। हालांकि, मामले की जांच जारी है, लेकिन ऐसा घटना दोबारा न हो इसके लिए एसबीआई मुख्यालय ने अपने देशभर में सभी शाखाओं के गोल्ड लोन लॉकरों की जांच के आदेश दिए हैं। बैंक की तरफ से सभी शाखा प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे लॉकरों की चाबियों और गिरवी रखे सोने के रिकॉर्ड का मिलान करें।
दरअसल इससे पहले एसबीआई की किसी शाखा में ऐसी किसी भी तरह की रहस्यमयी चोरी नहीं हुई थी। बता दें कि श्योपुर में एसबीआई की स्टेशन रोड शाखा में हाल ही में गोल्ड लोन लॉकर से 15 किलो 446 ग्राम सोना चोरी हो गया है, जिसकी कीमत करीब 7.33 करोड़ रुपये है। शुरुआती कार्रवाई में बैंक के कैश प्रभारी राजीव पालीवाल और अकाउंटेंट रामनाथ ठाकुर को सस्पेंड कर दिया गया है। इन दोनों ही कर्मचारियों पर चोरी का शक है।
इस घटना के बाद से एसबीआई मुख्यालय एक्शन में आ गया है, जहां 22 हजार 428 शाखाओं में ई-मेल के जरिए सभी लॉकरों के जांच के निर्देश दिए गए हैं। इस ई-मेल में कहा गया है कि सभी बैंक प्रबंधक अपनी शाखाओं में गोल्ड लोन के लॉकरों की चाबियों और डुप्लीकेट चाबियों को देखें। इसके अलावा यह भी निर्देश दिया गया है कि ग्राहकों के लॉकरों के अंदर गिरवी रखे सोने की जांच की जाए और फिर उसका रिकॉर्ड से मिलान किया जाए। इससे यह पता चल सकेगा कि कहीं कोई कमी तो नहीं आ रही? इस पूरी कार्रवाई के लिए कंपनी ने 24 घंटे का समय दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इस फ्रॉड को लेकर कोई जानकारी सामने आए।