मध्यप्रदेश के चुनावी समर में 2900 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैे। हर उम्मीदवार के अपने मुद्दे और अपनी कहानी है। मध्यप्रदेश में चाय की दुकान चलाने वाले एक ऐसे शख्स भी हैं जो पार्षद से लेकर राष्ट्रपति तक के चुनाव में ताल ठोक चुके हैं।
1994 से अब तक लड़ चुके हैं कई चुनाव
इस चायवाले का नाम है आनंद सिंह कुशवाहा। वह ग्वालियर दक्षिण से चुनावी मैदान में हैं। आनंद, ग्वालियर के तारागंज में समाधिया कॉलोनी के पास चाय की छोटी सी दुकान चलाते हैं। आनंद कहते हैं कि जब देश के सर्वोच्च पद पर एक 'चायवाला' बैठ सकता है तो दूसरा चाय वाला भी बड़ा पद हासिल कर सकता है। आनंद कुशवाहा 24 साल में पार्षद से लेकर राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ चुके है मगर आज तक जीत नसीब नहीं हुई।
चाय की आमदनी से जमा करते हैं चुनावी फीस
आनंद कुशवाहा के शपथपत्र के अनुसार उनके पास पांच हजार रुपये नकद, एक साइकिल और खुद का मकान है। उनके ऊपर 12 हजार रुपये का कर्ज भी है। वह अपनी साइकिल से ही चुनाव प्रचार को निकलते हैं। आनंद कई बार पार्षद चुनाव समेत तीन बार राष्ट्रपति, दो बार उप राष्ट्रपति, तीन बार सांसद और पांच बार विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं।
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान है। परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे।