मध्यप्रदेश में कई सीटें ऐसी हैं जहां रिश्तेदार ही चुनावी मैदान में एक दूसरे के आमने-सामने हैं।
भैंसदेही सीट पर मामा- भांजे और चाचा-भतीजे मैदान में
भाजपा के कब्जे वाली भैंसदेही विधानसभा सीट पर ऐसा दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां मामा- भांजे और चाचा-भतीजे चुनावी मैदान में हैं। भाजपा के उम्मीदवार और स्थानीय विधायक महेंद्र सिंह चौहान और कांग्रेस से पूर्व विधायक धरमू सिंह सिरसाम चुनाव मैदान में है। इन दोनों उम्मीदवार के रिश्तेदार भी मैदान में है। भाजपा प्रत्याशी के चाचा योगेंद्र सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर तो कांग्रेस प्रत्याशी के भांजे सेवाराम इवेने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से चुनावी ताल ठोक रहे हैं।
मुरैना में समधी Vs समधी
मुरैना विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी ने अपने विधायक बलवीर सिंह दंडोतिया को उतारा है। दंडोतिया के समधी रामप्रकाश राजौरिया आम आदमी पार्टी से मैदान में हैं।
चुनावी समर में चाचा-भतीजा
हरदा की टिमरनी विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है। आदिवासी बहुल सीट पर चाचा-भतीजे आमने-सामने हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है। भाजपा ने स्थानीय विधायक संजय शाह को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने अभिजीत शाह को अपना उम्मीदवार बनाया है।अभिजीत, भाजपा उम्मीदवार संजय शाह के बड़े भाई अजय शाह के बेटा हैं।
सीहोर में पति-पत्नी और बेटा
सीहोर विधानसभा सीट पर पति-पत्नी और बेटे तीनों चुनावी मैदान में है। भाजपा का टिकट न मिलने से नाराज पूर्व विधायक रमेश सक्सेना ने अपना पर्चा दाखिल कर दिया। सक्सेना की पत्नी ने भी अपना नामांकन भरा है। उनके पुत्र शशांक सक्सेना भी चुनावी मैदान में है।