फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मध्य प्रदेश: आरोपी छत्तीसगढ़ की जेल में था, शहडोल में दर्ज हुआ नार्कोटिक्स एक्ट के तहत केस; हाईकोर्ट ने रोकी सुनवाई

Fri, 17 Dec 2021 06:40 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

हाईकोर्ट में दाखिल आवेदन में आरोपी ने कहा था कि वह जिस समय छत्तीसगढ़ की पेंडारोड जेल में था, उसी समय उस पर शहडोल में गांजा बेचने का आरोप लगाया गया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में सनवाई पर रोक लगा दी है। 
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के एक व्यक्ति के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में चल रही सुनवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। मामला नार्कोटिक्स एक्ट से जुड़ा है। आरोपी का कहना है कि वह जिस समय छत्तीसगढ़ की पेंडारोड जेल में था, उसी दौरान उसके खिलाफ नार्कोटिक्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई। 
विज्ञापन


दीपू उर्फ दीपक सिंह ने हाईकोर्ट में जस्टिस अरुण कुमार शर्मा की बेंच के सामने आवेदन दिया था। इसमें उसने कहा था कि शहडोल पुलिस उसे झूठे मामले में फंसा रही है। एक पुराने मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर पुलिस ने शहडोल के जैतपुर थाने में उसके खिलाफ नार्कोटिक्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने उसके खिलाफ 6 अप्रैल 2020 को प्रकरण दर्ज किया। एफआईआर के अनुसार जिस व्यक्ति के पास से पुलिस ने गांजा बरामद किया था, उसके बयान के आधार पर उसे आरोपी बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि वह एक आपराधिक प्रकरण की वजह से 2 फरवरी 2020 से 22 मई 2020 तक छत्तीसगढ की पेंडारोड जिले में बंद था। उसने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेज भी प्रस्तुत किए, जो इस बात की पुष्टि कर रहे थे कि वह जेल में था। सिंगल बेंच ने आवेदन की सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता सीएम तिवारी ने पैरवी की। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें