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MP News: भोपाल शहर में फिर घुसा बाघ, मैनिट के हॉस्टल के पास मिले पगमार्क, गाय का किया शिकार, क्लासेस रद्द

Tue, 04 Oct 2022 12:34 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

कलियासोत के पास नजर आया बाघ अब मैनिट कैम्पस तक पहुंच गया है। वन विभाग की टीम को हॉस्टल नंबर सात और आठ के पास पगमार्क मिले हैं। बाघ ने एक गाय का शिकार किया है। वन विभाग की टीम बाघ की सर्चिंग कर रही है।

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भोपाल के मैनिट में घुसा बाघ, गाय का शिकार किया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बाघ का मूवमेंट बढ़ गया है। कुछ दिन पहले कलियासोत डैम के पास वाल्मी में नजर आया बाघ अब मौलाना आजाद नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) तक पहुंच गया है। मैनिट प्रबंधन ने बाघ के मूवमेंट को देखते हुए छात्रों को हॉस्टल में ही रहने की नसीहत दी है। साथ ही अगले नोटिस तक क्लासेस रद्द कर दी गई है।

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मैनिट के हॉस्टल के पास छात्रों को सोमवार रात को बाघ दिखाई दिया। मैनिट प्रबंधन ने इसकी सूचना वन विभाग को सूचना दे दी है। विभाग की टीम रात से ही बाघ की सर्चिंग कर रही है। मैनिट के हॉस्टल नंबर सात और आठ के पास बाघ के पगमार्क मिले है। बताया जा रहा है कि बाघ ने एक गाय का भी शिकार किया है। मैनिट प्रबंधन ने एहतियातन क्लासेस रद्द कर दी है। स्टूडेंट्स को हॉस्टल में रहने को कहा गया है। जिन स्टूडेंट्स को सोमवार रात को बाघ दिखाई दिया, वह बाइक छोड़कर भाग गए। उन्होंने ही वार्डन को सूचना दी। इसके बाद प्रबंधन ने वन विभाग को बाघ के मैनिट परिसर में दिखाई देने की जानकारी दी। हालांकि यह संशय भी बना हुआ है कि यह बाघ है। यहां फिर तेंदुआ या लकड़बग्घा है। 




पगमार्क मिलने के बाद सर्चिंग तेज
भोपाल वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) आलोक पाठक ने बताया कि मैनिट के हॉस्टल नंबर सात और आठ के पास वाइल्ड एनीमल के पगमार्क मिले हैं। उसने एक गाय का शिकार भी किया है। टीमें सर्चिंग के लिए लगाई गई हैं। अब हमारा प्रयास उसे आगे बढ़ने से रोकना है। आज वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।इससे पहले जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (वाल्मी) में भी बाघ कुछ दिन से दिखाई दे रहा था। मैनिट में इसी बाघ के घुसने की बात बताई जा रही है। इसके पहले भोज यूनिवर्सिटी के कुलपति के बंगले में भी यह बाघ दिखाई दे चुका है। इसे टी-123 बाघिन के दो शावकों में से एक बताया जा रहा है। यह केरवा और कलियासोत एरिया में ही विचरण करते हैं।  

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अपनी टेरिटरी बना रहा है बाघ
जानकारों का कहना है कि यह बाघ अपनी टेरिटरी बना रहा है। वाल्मी के आसपास यह बाघ पिछले पांच-छह महीने से मूवमेंट कर रहा है। बाघ अपनी टेरिटरी बनाने के लिए यूरिन से पेड़ों पर स्प्रे करते है। यह एक तरह से अन्य बाघों को सूचना होती है कि यह इलाका अब मेरा है। इसके अंदर कोई दूसरा बाघ आने की जुर्रत न करें। हालांकि, जंगलों में बाघों के बीच इलाके की लड़ाई आम है। 
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