जानकारी के मुताबिक 16 साल की एक लड़की के मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से कॉल आने के बाद उसकी दोस्ती आरोपी इरफान से हो गई, इरफान ने लड़की को अपनी पहचान आकाश नाम के एक हिंदू युवक के तौर पर बताई, इसके बाद युवक ने लड़की के पड़ोस में रहने वाली 15 वर्षीय सहेली के साथ घर से भाग जाने के लिए राजी कर लिया। दोनों लड़कियां एक फरवरी को अपने घर से रवाना हो गईं। इसके बाद उनके माता-पिता ने सुवासरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
दिल्ली में सुराग हाथ लगे
लड़कियों की तलाश करते हुए सुवासरा थाने की पुलिस का एक दल दिल्ली पहुंचा और लड़कियों के ठिकाने के बारे में कुछ सुराग हाथ लगे। अधिकारी ने कहा कि इसके बाद पुलिस दल ने पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर गांव में इन लड़कियों के होने का पता लगाया।
डामोर ने कहा कि पूछताछ के दौरान 16 वर्षीय लड़की ने बताया कि करीब एक माह पहले फोन पर उसकी एक युवक से दोस्ती हुई जिससे स्वयं का नाम आकाश बताया था, बाद में उसने लड़की और उसकी सहेली को शादी के लिए बिजनौर बुलाया।
शादी के लिए धर्म बदलने को कहा
पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़कियों के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया और युवक और उसके दोस्त ने दोनों लड़कियों को बंधक बनाकर कमरे में रखा। लड़कियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें शादी के लिए अपना धर्म बदलने के लिए कहा गया था। लड़कियों ने यह भी कहा कि उन्हें बाद में पता चला कि आकाश का असली नाम इरफान है जबकि विकास नाम बता रहे दूसरे युवक का असली नाम साहिल है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि पिछले हफ्ते बिजनौर में पुलिस छापे के दौरान इरफान भाग गया जबकि उसका दोस्त और सह आरोपी साहिल (19) को गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, अपहरण और मध्य प्रदेश के नए धर्मांतरण विरोधी कानून की संबद्ध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बता दें, मध्यप्रदेश सरकार ने पिछले महीने ही धार्मिक स्वतंत्रता-2020 अध्यादेश जारी किया है। इसमें गलत बयानी, लालच, बल, धमकी के उपयोग, अनुचित प्रभाव, दबाव या शादी या किसी अन्य धोखाधड़ी के माध्यम से धर्मांतरण कराने वालों को 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।