समग्र आईडी ई-केवाईसी अनिवार्य (फाइल फोटो)
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मध्यप्रदेश में राज्य सरकार के लगभग सभी विभागों के द्वारा अनेकों प्रकार की हितग्राही मूलक या समूह मूलक योजनाओं के साथ ही नागरिक सेवायें चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पाने के लिये प्रदेश के नागरिकों को सम्बंधित विभागों से जुड़े पोर्टल पर पहले खुद का पंजीयन कराना होता है। लेकिन अब राज्य शासन की इन सभी योजनाओं या सेवाओं के पंजीयन करने से पहले संबंधित प्रदेश के नागरिकों की ई-केवाईसी सत्यापित समग्र आईडी ही मान्य की जा रही है, और इस प्रावधान को सभी के लिये अनिवार्य भी कर दिया गया है। वहीं, इसको लेकर प्रदेश के प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी निकुंज कुमार श्रीवास्तव के द्वारा इससे जुड़े दिशा-निर्देश भी जारी किये गये हैं।
वहीं, प्रमुख सचिव के जारी दिशा-निर्देशों में सभी विभागाध्यक्षों से कहा गया है कि वे अपने विभागीय वेब एप्लीकेशन में ई केवायसी या आधार सत्यापित समग्र आईडी का उपयोग करने एवं समग्र एपीआई से डेटा पाने के लिये संबंधित पोर्टल में आवश्यक संशोधन करें। हालांकि, इसको लेकर मप्र स्टेट इलेक्ट्रानिक्स डेवलपमेंट कापोरेशन की तकनीकी टीम के द्वारा समग्र इंटीग्रेशन के संबंध में समुचित सुझाव एवं तकनीकी सहायता भी दी जायेगी, जिसके बाद किसी भी तरह के पंजीयन फार्म अथवा नामांकन का डेटा एवं फील्ड में ऐसी जानकारी, जो आधार ई-केवाईसी सत्यापित समग्र आईडी से प्राप्त हो सकती है। इसके लिए MPSEDC के साथ एपीआई के माध्यम से इंटीग्रेट कर डेटा ले लिया जायेगा।
वहीं, दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी अन्य माध्यमों से ली जा रही आधार ई केवाईसी सत्यापित सेवाओं के स्थान पर समग्र पोर्टल https://www.samagra.gov.in के जरिए उपलब्ध कराई जा रही ई-केवाईसी सेवा का ही उपयोग किया जाएगा। यही नहीं, प्रदेश भर की ऐसी विभागीय योजनाएं अथवा सेवाएं, जो वर्तमान में ऑनलाइन उपलब्ध नही हैं, उनके लिए भी विभागों द्वारा चरणबद्ध रूप से ऑनलाइन पोर्टल या वेब ऐप्लीकेशन विकसित करने का कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं, इसको लेकर सभी विभागों के जिला स्तर के अधिकारियों को भी उनके हितग्राहियों का समग्र आईडी पर ई-केवाईसी सत्यापन कराने के लिये निर्देशित करने हेतु कहा गया है।