कटनी वन विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब हाथियों के झुंड से बिछड़ा एक हाथी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सीमा से होते हुए कटनी की सीमा में आ गया। हाथी की ट्रैकिंग के लिए कटनी फॉरेस्ट डिवीजन ऑफिसर गौरव शर्मा, विभाग के सीडीओ और बड़ी संख्या में वन अमला मौके पर पहुंचा।
गौरव शर्मा ने बताया कि हाल ही में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत के बाद, झुंड से बिछड़कर एक हाथी कटनी वन विभाग की सीमा में घुस आया है, जिसे महानदी से लगे ग्राम जगुआ के पास देखा गया। सूचना मिलते ही कटनी, उमरिया और शहडोल वन विभाग की टीमों ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और बीटीआर के साथ मिलकर क्षेत्र में मुनादी करवाकर हाथी की ट्रैकिंग शुरू कर दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी हाथी को देखने पहुंच गए, जिनकी सुरक्षा के लिए कटनी पुलिस बल की मदद ली गई। हाथी की मौजूदगी से आसपास के क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में दहशत है।
बता दें कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सलखनिया के जंगलों में हाल ही में 13 हाथियों के झुंड में से 10 हाथियों की मौत हो गई थी। तीन हाथियों में से एक हमलावर हाथी द्वारा कुचले जाने से दो लोगों की मौत हो गई थी, जिसे टाइगर रिजर्व ने रेस्क्यू कर लिया। लेकिन, एक हाथी भटकते हुए चंदिया और उमरिया की सीमा से होते हुए कटनी, महानदी और विलायतकलां क्षेत्र में देखा गया है। हाथी की मूवमेंट को देखते हुए टाइगर रिजर्व, कटनी, उमरिया, और शहडोल वन विभाग की टीम ट्रैकिंग कर रही है ताकि हाथी को सुरक्षित बांधवगढ़ के जंगलों में वापस भेजा जा सके।
कटनी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि कटनी जिले के विलायतकलां के पास नदी किनारे सुबह-सुबह हाथी देखा गया था। इसके बाद कटनी फॉरेस्ट और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम ने ट्रैकिंग शुरू कर दी। जैसे ही हाथी की खबर गांव में फैली, ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिन्हें सुरक्षित रखने के लिए पुलिस विभाग का अमला भी मौजूद रहा। पुलिस ग्रामीणों को जंगल में न जाने की सलाह दे रही है। कटनी वन विभाग और अन्य टीमों ने हाथी को उमरिया जिले की ओर सुरक्षित पहुंचा दिया है और उसकी लगातार निगरानी की जा रही है।