सार
कटनी के ढीमरखेड़ा में पति की प्रेमिका रुक्मिणी बाई की हत्या करने पर सम्मोबाई को आजीवन कारावास और ₹1,000 जुर्माने की सजा हुई। 2021 में खाई में कंकाल मिला था। हत्या का कारण पति के प्रेम संबंध थे। वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने दोषी ठहराया।
कोर्ट ने हत्या के मामले में महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
- फोटो : अमर उजाला
कटनी जिले के ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र में पति की प्रेमिका की हत्या करने वाली दोषी महिला को कोर्ट ने आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश एसवीएस बुंदेला की अदालत ने इस मामले में आरोपी सम्मोबाई (38 वर्ष), निवासी ग्राम सिमरिया, थाना कुंडम, जिला जबलपुर, को दोषी ठहराया।
बता दें कि 3 फरवरी 2021 को बंजारी माता नाला स्थित खाई में एक महिला का कंकाल मिला था। ग्राम हल्का के कोटवार को यह जानकारी जानवर चराने वाले कुछ लोगों ने दी थी। पुलिस जांच में पाया गया कि महिला की हत्या कर शव को खाई में फेंका गया था।
हत्या का कारण
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी सम्मोबाई को अपने पति और मृतका रुक्मिणी बाई के बीच प्रेम संबंध होने की जानकारी थी। इसी कारण गुस्से में आकर उसने कुल्हाड़ी से रुक्मिणी बाई की हत्या कर दी और शव को खाई में फेंक दिया।
अभियोजन और सजा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक केके तिवारी ने मामले की पैरवी की। वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने सम्मोबाई को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 1,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
मीडिया सेल प्रभारी सुरेंद्र गर्ग ने बताया कि यह मामला अपराध क्रमांक 32/2021 और प्रकरण क्रमांक 53/2021 के तहत दर्ज किया गया था। पुलिस की गहन जांच और अभियोजन की ठोस पैरवी के चलते आरोपी को सजा दिलाई जा सकी। यह मामला घरेलू हिंसा और सामाजिक रिश्तों में बढ़ते तनाव का एक गंभीर उदाहरण है।