मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में गुरुवार को पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निष्पादन के ट्रायल रन को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार ने बताया कि तीन ट्रायल रन की रिपोर्ट सही आई है। अब तक करीब 270 किलो प्रति घंटे की दर से कचरा जलाया गया, जिसका ट्रायल रन सफल रहा। सरकार ने कहा कि इसी स्पीड से कचरे को जलाकर अगले 72 दिन में समाप्त किया जा सकता है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 72 दिनों में जहरीला कचरा जलाकर रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
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वहीं गैस पीड़ित संगठनों ने कोर्ट को बताया कि जलाने की प्रक्रिया सही इसलिए नही है, क्योंकि 300 मीट्रिक टन जहरीले कचरे को जलाने के बाद समस्या तीन गुना बड़ी हो जाएगी। सरकार ने खुद ही बताया है कि 300 मीट्रिक टन कचरा जलाने पर 900 मीट्रिक टन जहरीली राख को फिर से पीथमपुर की प्लास्टिक जमीन में डाल दिया जाएगा, जिसकी वजह से प्रदूषण होगा ही। जहरीला कचरा जलाने के मामले में नियमों का पूरी तरह से पालन हो इसके लिए हाईकोर्ट ने सरकार का आगाह किया है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।