मप्र हाईकोर्ट ने एक मामले में दुष्कर्म पीड़िता को दी गई आर्थिक सहायता वापस लेने के निर्देश दिए हैं। बयान बदलने को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है।
जस्टिस संजय द्धिवेदी की एकलपीठ ने बैतूल के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पीड़िता से रिकवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल दुष्कर्म के एक मामले में पीड़िता ने बाद में अपना बयान बदल दिया था, जिसे न्यायालय ने सख्ती से लिया। दुष्कर्म के आरोप में फंसे बैतूल के अर्जुन कासडेकर ने दूसरी बार जमानत आवेदन पेश किया। इसकी ओर से कहा गया कि पीड़िता के बयान हो चुके हैं और वह अपने पूर्व बयान से मुकर गई है। वहीं शासन की ओर से जमानत का विरोध किया गया। न्यायालय ने कहा चूंकि पीड़िता अपने बयान से मुकर गई है, इसलिए आरोपी को जमानत देना उचित है।