भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के स्वर्गद्वारी में युवक ऋषभ जैन की पत्थर पटककर हत्या कर लाश को रेत में दफनाने वाले तीनों आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया है। एडीजे संजोग सिंह बाघेला की अदालत ने वीरेन्द्र उर्फ बाबू, पुरषोत्तम उर्फ भोला और शिवा उर्फ शिब्बू को हत्या और साक्ष्य छिपाने के जुर्म में आजीवन कारावास और सात-सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त लोक अभियोजक अरविंद जैन ने अदालत को बताया कि 13 जून 2019 की रात ऋषभ जैन शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन परिजनों ने भेड़ाघाट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद स्वर्गद्वारी में रेत के नीचे उसकी लाश मिली।
जांच के दौरान पुलिस ने वीरेन्द्र, पुरषोत्तम और शिवा को हिरासत में लिया, जिन्होंने आपसी विवाद के बाद पत्थर से वार कर ऋषभ की हत्या की थी। आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए मृतक की मोटरसाइकिल और मोबाइल झाड़ियों में फेंक दिए और लाश को रेत में दफना दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें उम्रकैद और जुर्माने की सजा दी।