जबलपुर। केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के भाई तथा नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव विधानसभा से विधायक जालम सिंह पटेल व उनके पुत्र मोनू पटेल सहित सुरक्षा गार्ड शरद बरकड़े को विशेष अदालत ने हत्या के प्रयास में दोषमुक्त कर दिया था। विशेष न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस सुजय पॉल तथा जस्टिस पी सी गुप्ता की युगलपीठ ने अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी किए हैं।
दरअसल गोटेगांव निवासी गोविंद केटले ने 18 नवंबर 2014 को गोटेगांव विधायक जालम सिंह उनके गार्ड शरद बरकड़े तथा पुत्र मोनू उर्फ मणि नागेंद्र सिंह पटेल पर शासकीय अस्पताल गोटेगांव में लाठी-डंडों से मारपीट किये जाने की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी। शासन द्वारा प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी की जांच के पश्चात विधायक जालम सिंह पटेल, मोनू पटेल व शरद बरकड़े के विरुद्ध धारा 323, 325, 427, 307, 201, 34 भारतीय दंड विधान भारतीय दंड विधान के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
प्रकरण की सुनवाई एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट द्वारा की गयी थी। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन की तरफ से लगभग 30 गवाह न्यायालय के समक्ष पेश किए गए थे। आरोपियों द्वारा अपने बचाव में न्यायालय के समक्ष 8 गवाह प्रस्तुत किए गए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया था, जिसके खिलाफ अनावेदक ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
सुनवाई के दौरान अपील 60 दिनों के निर्धारित समयसीमा में दायर नहीं करने का प्रश्न उठाया गया था। आवेदक की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि पीड़ित व्यक्तियों को अपील दायर करने 90 दिन का समय प्रदान किया गया है। युगलपीठ के प्रश्न करने पर बताया गया कि सरकार की तरफ से आदेश के खिलाफ अपील दायर नहीं की गयी है। जिसके बाद युगलपीठ ने अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी किए हैं। याचिका पर प्रदेश सरकार, विधायक जालिम सिंह, उनके बेटे तथा सुरक्षा गार्ड को अनावेदक बनाया गया है।