जबलपुर कलेक्टर के बंगले पर जुटे लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
- फोटो : अमर उजाला
कलेक्टर दीपक सक्सेना के बेटे अमोल का सोमवार को यहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। अमोल की पार्थिव देह एयर एंबुलेंस से दोपहर बाद दिल्ली से जबलपुर लाई गई। सिविल लाइन स्थित कलेक्टर बंगले में अंतिम दर्शन के लिए लोगों का जमघट लगा रहा। अंतिम संस्कार ग्वारीघाट मुक्तिधाम पर हुआ।
अंतिम यात्रा में शामिल समाज के सभी वर्गों ने नम आंखो से अमोल को अंतिम विदाई दी। कलेक्टर बंगले से प्रारंभ हुई अंतिम यात्रा में प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधियों से लेकर हर वर्ग के लोग शामिल हुए। ग्वारीघाट स्थित मुक्तिधाम में अमोल को चचेरे भाई ने मुखाग्रि दी।
अमोल सक्सेना का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में फिल्म स्टडीज का कोर्स कर रहा था अमोल
गौरतलब है कि कलेक्टर दीपक सक्सेना का 21 वर्षीय पुत्र अमोल दिल्ली में फिल्म स्टडीज का कोर्स कर रहा था। शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें रविवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। अमोल के केयर टेकर जब उन्हें देखने के लिए गए तो उनकी हालत काफी गंभीर रही थी और इलाज के दौरान अमोल का निधन हो गया। बेटे की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही कलेक्टर दीपक सक्सेना दिल्ली जाने के लिए नागपुर रवाना होने वाले थे। नागपुर पहुंचने से पहले ही खबर मिल गई कि अमोल अब इस दुनिया में नहीं रहा।
शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में दिल का दौरा पड़ने की पुष्टि
दिल्ली में डॉक्टरों के आग्रह पर पोस्टमॉर्टम कराया गया। शार्ट पीएम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि अमोल का निधन कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ है। जबलपुर में कलेक्टर के साथ उनकी मां गंगादेवी सक्सेना, पत्नी रचना रहते हैं। उनकी बेटी दर्शिम दिल्ली में ही पढ़ाई कर रही है, लेकिन करीब एक महीने से वह जबलपुर में अपने माता-पिता के साथ थी।