कटनी जिले के कोतवाली थाने से एक गैर जमानती मामले में आरोपी को थाने से जमानत दिए जाने के मामले को हाईकोर्ट ने काफी सख्ती से लिया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने मामले में डीजीपी को हलफनामे में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं कि आखिर गैर जमानती मामले में थाने से अभियुक्त को कैसे जमानत दे दी गई।
प्रकरण के अनुसार आरोपी राजकुमार निषाद को कटनी की कोतवाली पुलिस ने 14 मार्च 2022 को कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी और उसी दिन उसे जमानत पर थाने से रिहा कर दिया गया। इसके बाद 2 नवंबर 2022 को पुलिस द्धारा विवेचना पूर्ण कर न्यायालय के समक्ष चालान पेश किया गया, जहां से अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जिस पर आरोपी की ओर से हाईकोर्ट में यह जमानत अर्जी पेश की गई थी।
पूरे मामले का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने पूछा है कि गैर जमानती अपराध में आरोपी को थाने से कैसे जमानत दे दी गई, इस संबंध में न्यायालय ने डीजीपी को हलफनामे में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। आरोपी की ओर से मामले में अधिवक्ता सोमनाथ कोरी पैरवी कर रहे हैं।