फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jabalpur News: आयुर्वेद कॉलेजों के नियमों को चुनौती, हाईकोर्ट ने दिए लिखित तर्क प्रस्तुत करने के निर्देश

Fri, 29 Nov 2024 06:54 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

प्रदेशभर के आयुर्वेद स्वाशासकीय कॉलेजों में भर्ती और स्थानांतरण संबंधी नियमों को चुनौती देते हुए दायर की गई याचिका की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हुई। याचिका में सरकार के 2022 में पारित नियमों को चुनौती दी गई, जिनके तहत एक कॉलेज से दूसरे में सहायक प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर का स्थानांतरण और भर्ती में प्रदेश स्तर की रोस्टर प्रणाली लागू की जाती है। याचिका पर 25 जनवरी 2025 को अंतिम सुनवाई होगी। 
विज्ञापन
high court
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेशभर के आयुर्वेद स्वाशासकीय कॉलेजों में भर्ती, स्थानांतरण और अन्य विषयों के लिए सरकार द्वारा बनाए गए नियमों को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई है। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए राज्य शासन, हस्तक्षेपकर्ताओं और याचिकाकर्ताओं को लिखित तर्क प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। युगलपीठ ने 25 जनवरी 2025 को मामले की अंतिम सुनवाई के आदेश जारी किए हैं।

भोपाल और इंदौर के आयुर्वेद स्वाशासकीय कॉलेजों के सहायक प्राध्यापकों द्वारा दायर की गई याचिका में 2022 में पारित आयुर्वेद स्वाशासकीय कॉलेज नियमों को चुनौती दी गई है। याचिका में उन नियमों पर सवाल उठाए गए हैं, जिनके तहत एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में सहायक प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर का स्थानांतरण किया जाएगा और प्रदेश स्तर पर रोस्टर प्रणाली लागू की जाएगी।

हस्तक्षेपकर्ताओं ने अपनी ओर से तर्क दिया कि सरकार का निर्णय सही है, क्योंकि प्रदेश स्तर पर आरक्षण प्रणाली से आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को लाभ होगा। वे यह भी कह रहे थे कि ये कॉलेज पहले मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित होते थे, लेकिन 1997 के बाद इन कॉलेजों को स्वायत्त बना दिया गया। इन कॉलेजों के संचालन के लिए समितियों का पंजीकरण किया गया, जबकि राज्य सरकार इन्हें अपनी संचित निधि से पैसे प्रदान करती है।

वर्ष 2010 में मध्य प्रदेश सरकार ने इन कॉलेजों में भर्ती का अधिकार समितियों को सौंपा था, जिस पर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने आपत्ति जताई थी। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश महालेखाकार ग्वालियर ने भी इन ऑटोनॉमस कॉलेजों के कर्मचारियों के वेतन और भत्ते को संचित निधि से देने पर आपत्ति की थी। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट ने 2022 में स्थानांतरण पर रोक लगा दी थी। अब इस याचिका की सुनवाई जारी है और अंतिम निर्णय 25 जनवरी 2025 को होगा। 

विज्ञापन

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें