केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के न्यायिक सदस्य जस्टिस एके श्रीवास्तव ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र शासन, पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक, डीआरएम जबलपुर, सीनियर डीपीओ और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह याचिका होशंगाबाद निवासी बिंद्रा बाई और उनके बेटे अनिकेत मेहरा द्वारा दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने मांग की है कि उनकी मृतक पुत्र के भाई को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए, जबकि पत्नी को यह नियुक्ति न दी जाए।
याचिका में कहा गया कि बिंद्रा बाई के पति दामोदर मेहरा रेलवे विभाग में कार्यरत थे और उनकी मृत्यु 14 फरवरी 2011 को हुई थी। पति की मृत्यु के बाद, उनके बड़े बेटे राहुल को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। राहुल ने विभाग को लिखित में यह आश्वासन दिया था कि वह अपने परिवार की देखभाल करेगा। राहुल की शादी 7 मई 2022 को हुई थी, और दोनों के बीच विवाद के कारण पत्नी ने तलाक के लिए अदालत में आवेदन किया था। जनवरी 2024 में अदालत में आपसी सहमति से उनके वैवाहिक संबंध समाप्त हो गए थे।
हालांकि, 14 जुलाई 2024 को राहुल की अचानक मृत्यु हो गई। इसके बाद, उसकी पत्नी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। याचिकाकर्ताओं ने रेलवे विभाग को इस संबंध में आपत्ति प्रस्तुत की और याचिका दायर की। याचिका में यह दलील दी गई कि चूंकि राहुल और उसकी पत्नी के बीच तलाक हुआ है, इसलिए पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिलनी चाहिए और मृतक के छोटे भाई अनिकेत को यह नियुक्ति दी जानी चाहिए।
सुनवाई के बाद कैट ने रेलवे विभाग से जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमित रायजादा और अहमद वाहिद हुसैन ने अपना पक्ष रखा।