बारिश से बढ़ने लगा यशवंत सागर तालाब का स्लस्तर
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शहर में मानसून की आमद हो चुकी है। अब तक 5 इंच पानी बरसा है, लेकिन शहर का कोटो पूरा होना बाकी है। इंदौर को अभी 32 इंच पानी और जरुरत है।इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में हो रही बारिश से तालाबों का जलस्तर बढ़ा है। 20 दिन से तालाबों का वाटर लेवल कम नहीं हुआ है। शहर से लगे आसपास के गांवों में बारिश होने की वजह से जलापूर्ति मे मददगार बिलावली और यशवंत सागर में पानी भर गया है।
शहर की औसत बारिश 37 इंच है। कोटा पूरा करने के लिए जुलाई और अगस्त की बारिश पर निर्भरता रहेगी, लेकिन तालाबों का जलस्तर बढ़ने लगा है। 19 फीट क्षमता वाले यशवंत सागर में फिलहाल 11.5 फीट पानी है। बिलावली तालाब में 22.6 फीट पानी भरा हुआ है। इन दोनो तालाबों से शहर में जलापूर्ति होती। उधर सिरपुर तालाब की क्षमता 16 फीट है और इसमें 8.9 फीट पानी भरा हुआ है। सिरपुर से पानी की सप्लाई तो नहीं होती, लेकिन आसपास की सौ से ज्यादा कालोनी में बोरिंग, कुएं में सालभर पानी रहता है।
पर्यावरण विशेषज्ञ सुधींद्रमोहन शर्मा का कहना है कि 15 जून के बाद से बादलों की एक्टिविटी शुरू हो गई थी। बारिश भी हो रही है। तापमान में भी कमी आने लगी थी। वाष्पीकरण की प्रक्रिया थम गई है। इस कारण तालाबों का जलस्तर कम नहीं हुआ, बल्कि बारिश के कारण बढ़ गया है। यशवंत सागर तालाब से शहर मेे प्रतिदिन 30 एमएलडी से ज्यादा पानी सप्लाई होता है। इससे शहर की पांच टंकियां को भरा जाता है,जबकि कुछ हिस्सों में सीधी जलापूर्ति भी होती है।
महू की तरफ अच्छी बारिश होती है तो इसकी चैनल में पानी आना शुरू होता और तालाब भरा जाता है और वर्ष भर शहर के बड़े हिस्से की प्यास यह तालाब बुझाता है।