एक नंबर विधानसभा क्षेत्र में कैलाश विजयवर्गीय को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद टिकट की दौड़ में शामिल दूसरे दावेदारों की मेहनत पर भी पानी फिर गया। इस क्षेत्र से पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता फिर से टिकट मांग रहे थे। विजयवर्गीय के उम्मीदवार बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि संगठन हर फैसला सोच विचार कर लेता है।एक नंबर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा पहले से ही मजबूत है। मेयर चुनाव में ही 17 हजार से ज्यादा वोटों की बढ़त हमनें ली थी।
अब विजयवर्गीय के उम्मीदवार बनने से हमारी स्थिति और मजबूत हो गई है। इस विधानसभा क्षेत्र से गोपाल गोयल भी टिकट मांग रहे थे, गोपाल संघ से जुड़े सामाजिक संगठनों में इन दिनों काफी सक्रिय थे, लेकिन भाजपा ने उन्हें भी टिकट नहीं दिया। एक नंबर विधानसभा के व्यापारिक क्षेत्र में विजयवर्गीय की पैठ ठीक है। उनके समर्थक अशोक चौहान, कमलेश खंडेलवाल भी सामाजिक आयोजनों से जुड़े रहते है। उनकी फायदा भी विजयवर्गीय को मिलेगा।
चावड़ा भी थे दौड़ में
देपालपुर क्षेत्र में राजपूत समाज का वोटबैंक भी तगड़ा है। इस क्षेत्र से आईडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा भी टिकट के दावेदारों की दौड़ में थे, लेकिन संगठन ने फिर पिछला विधानसभा चुनाव हारे मनोज पटेल को फिर टिकट दिया है। इस विधानसभा क्षेत्र में धाकड़ समाज का वोटबैंक निर्णायक रहता है। पटेल उसी समाज से आते है। देपालपुर से राजेंद्र चौधरी भी भाजपा से टिकट मांग रहे थे और दो सालों से क्षेत्र में सक्रिय थे। बताया जा रहा है कि वे अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।