Indore News: बुजुर्ग नगर निगम के जोनल कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन किसी के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। पेंशन पाने के हकदार ये बुजुर्ग इधर-उधर भटकते दिख रहे हैं, जबकि पार्षद और अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं।
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत पेंशन प्राप्त करने वाले बुजुर्गों में से 22 हजार 398 बुजुर्गों की पेंशन बंद हो गई है। इंदौर नगर निगम द्वारा ई-केवाईसी नहीं करने के कारण इन बुजुर्गों की पेंशन रोक दी गई है। बहुत से बुजुर्ग अपनी पेंशन की राशि नहीं आने के कारण कभी नगर निगम के जोनल कार्यालय तो कभी पार्षद के कार्यालय पर चक्कर लगाते नजर आ रहे हैं।
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इस तरह से बुजुर्गों को परेशान किया जा रहा
ऐसे बहुत से बुजुर्ग नगर निगम मुख्यालय तक भी पहुंचते हैं, लेकिन कोई भी उन्हें यह जवाब देने की स्थिति में नहीं रहता है कि आखिर उनकी पेंशन की राशि उनके खाते में क्यों नहीं आ रही है। पार्षद के कार्यालय से इन बुजुर्गों को यह कहकर रवाना कर दिया जाता है कि जोनल कार्यालय पर जाकर मालूम करो कि पेंशन कैसे रुक गई? जब बुजुर्ग जोनल कार्यालय पर पहुंचते हैं तो वहां पर कहा जाता है कि मुख्यालय पर जाकर मालूम करो कि पेंशन क्यों रुकी है? यह बुजुर्ग जब मुख्यालय पर जाते हैं तो वहां पर उन्हें जवाब देने वाला कोई नहीं होता है।
कांग्रेस की पार्षद ने मांगा था जवाब
नगर निगम परिषद की पिछली बैठक में कांग्रेस की पार्षद सुनीला मिमरोट ने इस बारे में पार्षद प्रश्न लगाते हुए पूछा था कि 1 जनवरी 2024 को विभिन्न योजनाओं के तहत कितने बुजुर्गों को पेंशन प्राप्त हो रही थी। इस प्रश्न के जवाब में नगर निगम की ओर से कहा गया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 12170, सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 50556 तथा मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना के तहत 4782 बुजुर्गों को पेंशन प्राप्त हो रही थी। इस तरह कुल 65508 बुजुर्गों को पेंशन मिल रही थी। नगर निगम द्वारा शत प्रतिशत समग्र आधार ई-केवाईसी करने के लिए 22398 बुजुर्गों की पेंशन अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। निगम के अधिकारियों ने बताया कि तब से लेकर मार्च 2025 तक की अवधि में इन पेंशन योजनाओं में 10983 व्यक्तियों के नाम और जोड़े गए हैं। जो नए नाम जोड़े गए हैं उनमें सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन के तहत 8027, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के तहत 2405 और मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना के तहत 551 नाम जोड़े गए हैं।