डेली कॉलेज में आयोजित एकत्रीकरण कार्यक्रम
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन पर इंदौर के डेली कॉलेज में आयोजित एकत्रीकरण कार्यक्रम में हजारों की संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए। इस मौके पर संघ के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने कहा कि कुछ शक्तियां समाज को आंदोलित करने का प्रयास कर रही हैं। वे समाज के विचारों को बदलने की कोशिश कर रही हैं। हमें देश में राष्ट्रीय विचार का इकोसिस्टम बनाना होगा। इसके लिए अपनी व्यवस्थाएं खड़ी करनी होंगी। विकसित भारत के लिए समाज के मन को अनुकूल बनाना होगा।
लिमये ने कहा कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा स्वयंसेवकों के परिश्रम और पराक्रम की यात्रा है। हमें इन 100 वर्षों का मूल्यांकन करना जरूरी है। इन वर्षों में शाखाओं के माध्यम से व्यक्ति निर्माण किया गया। स्वयंसेवकों में समर्पण का भाव विकसित किया गया। लिमये ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के समय 45 दिनों में हमने 14 करोड़ परिवारों से संपर्क किया, यानी देश की 50 प्रतिशत आबादी तक पहुंचे। अब हमें देश के शत-प्रतिशत समाज तक पहुंचना है। संघ के विचार को स्वयंसेवकों तक सीमित रखने के बजाय समाज में विमर्श का वातावरण बनाना होगा।
भ्रष्टाचार और विषमता जैसी कई चुनौतियां
उन्होंने कहा कि समाज में कई समस्याएं और चुनौतियां हैं। विषमता, भ्रष्टाचार और तलाक जैसी समस्याएं हैं, तो मतांतरण, अलगाववाद के प्रभाव और सीमावर्ती इलाकों में जनसंख्या परिवर्तन जैसी चुनौतियां भी हैं। इनसे निपटने के लिए केवल शासन के भरोसे नहीं रहा जा सकता। समाज को भी आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई संस्थाएं संघ से जुड़ना चाहती हैं। इसके लिए समन्वय करना होगा। हमें अपनी कार्यशैली में भी बदलाव लाना होगा। देश में मूल्य-आधारित व्यवस्थाएं स्थापित करना बड़ी चुनौती है। इसके लिए समाज की सक्रियता बढ़ानी होगी।
अनुशासन सबसे बड़ी विशेषता : शाह
उद्योगपति प्रकाश शाह ने कहा कि संघ की सबसे बड़ी विशेषता उसका अनुशासन, संगठन और समाज को जोड़ने का प्रयास है। राष्ट्र निर्माण के लिए अच्छे विचार और काम करने की लगन जरूरी है। संघ यह भूमिका बखूबी निभा रहा है।
इंदौर और महू के स्वयं सेवक शामिल हुए
कार्यक्रम में मालवा प्रांत के संघचालक प्रकाश शास्त्री और इंदौर विभाग के संघचालक डॉ. मुकेश मोढ़ भी मौजूद थे।मालवा प्रांत के इस एकत्रीकरण में इंदौर के अलावा महू के भी स्वयंसेवक शामिल हुए। इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने व्यायाम योग का प्रदर्शन किया और चरैवेति चरैवेति सामूहिक गीत भी गाया। कार्यक्रम में शताब्दी वर्ष के दौरान हुए आयोजनों की जानकारी भी दी गई।