राजा के केस से जुड़ी खबरों पर रखती थी नजर
राजा के मर्डर की प्लानिंग के समय ही सोनम ने छुपने के प्लान की तैयारी भी कर ली थी। उसे पता था कि लंबे समय तक उसे कहीं दिन बिताना पड़ेंगे, इसलिए वह अपने साथ नौ लाख रुपये केश और सोने के गहने भी ले गई थी। 23 मई को राजा की हत्या करने के बाद आरोपी और सोनम साथ नहीं निकले। सोनम जानती थी कि वह किसी दूसरे शहर में ज्यादा दिन तक छुपकर रहेगी तो उसे आधार कार्ड दिखाना होंगे और सीसीटीवी की कैद में भी आ सकती है। इसके चलते उसने इंदौर में रहने की पहले ही तैयारी कर ली थी।
ये भी पढ़ें-
जिस सुहाग को सोनम ने उजाड़ा, उसी की निशानियों से धराई; पुलिस का शक गहराने की अहम वजह
सोनम से मिलने के कारण राज देरी से जाता था दफ्तर
सोनम जब इंदौर में थी तो राज देरी से दफ्तर जाता था। अपने बहन की खोज में शिलांग में रुके भाई गोविंद को जब यह बात पता चली तो उसने राज को काॅल कर डांटा भी था। दरअसल राज सोनम के पास ज्यादा वक्त बिताता था। सोनम के कहने पर राज उसके घर में चल रही बातों की जानकारी भी उसे देता था।