काॅलेज में मिली थी विवादित किताबें
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इंदौर के लाॅ कालेज की लाइब्रेरी में रखी गई विवादित पुस्तक की लेखिका डा.फरहत खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पुस्तक की महिला प्रकाशक उमा छेत्रपाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। उमा की गिरफ्तारी उसके घर से हुई है। पांच साल पहले इस किताब को प्रकाशित किया गया था और किताब के विवादित हिस्से की शिकायत के बाद किताब प्रतिबंधित हो गई थी। बाद में उस हिस्से को हटाकर नई किताब प्रकाशित कर दी गई थी, लेकिन प्रतिबंधित संस्करण की किताब लाॅ काॅलेज की लाइब्रेरी में मिली थी। जिसे आधार बनाते हुए पुलिस ने काॅलेज प्राचार्य, प्रोफेसर, लेखिका व प्रकाशक केे खिलाफ केस दर्ज किया था।
किताब इंदौर की जिला कोर्ट के सामने अमर लाॅ पब्लिकेशन ने प्रकाशित की थी।पुलिस को किताब की लेखिका डाॅ. फरहत खान को पुणे से गिरफ्तार किया था, वह पुणे के एक अस्पताल में भर्ती मिली थी। डाॅ. फरहत की दोनो किडनियां फेल है। वह इलाज के लिए भर्ती है। अब पुलिस ने किताब की लेखिका उमा छेत्रपाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। उधर पुलिस ने लाइब्रेरी में किताब रखने के मामले में काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. रहमान को आरोपी बनाया है,लेकिन वे भी तबीयत खराब होने के कारण वे एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गए। जिला कोर्ट ने उनका अग्रिम जमानत आवेदन भी खारिज कर दिया है। इस पूरेे मामले की जांच के लिए उच्च शिक्षा मंत्री ने जांच के लिए कमेेटी गठित की थी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने प्राचार्य और तीन प्रोफेसरों को निलंबित कर दिया है।
किताब में आरएसएस और विश्व हिन्दू परिषद के बारे में टिप्पणी
अापको बता देें कि डा.फरहत खान ने सामूहिक हिंसा और दांडिक न्याय पद्धति किताब लिखी थी। जिसमें आरएसएस और विश्व हिन्दू परिषद के बारे में भड़काने वाली बातें लिखी गई थी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तीन साल पहले किताब के विवादित हिस्सों को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद किताब प्रतिबंधित कर दी गई थी। वह किताब काॅलेज की लाइब्रेरी मेें मिली थी। इसके बाद भंवरकुआ पुलिस ने लेखिका, प्रकाशक, प्राचार्य और एक प्रोफेसर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। इस मामले में पहली गिरफ्तारी लेखिका की हुई है,जबकि दूसरी गिरफ्तारी प्रकाशक की हुई हैै।