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Indore News: इंदौर से निकली 12वीं कांवड़ यात्रा, पहले सावन सोमवार पर महाकाल का होगा जलाभिषेक

Sat, 01 Aug 2026 03:59 PM IST
इंदौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर से 12वीं कांवड़ यात्रा श्री कमलेश्वर महादेव मंदिर से नर्मदा जल लेकर उज्जैन के लिए रवाना हुई। पहले सावन सोमवार पर बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया जाएगा। यात्रा में शिवभक्ति, भजन-कीर्तन और सनातन एकता का संदेश भी दिया गया।

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कांवड़ यात्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सावन के पावन महीने में चारों ओर जय श्री भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। इसी क्रम में इंदौर के पश्चिम क्षेत्र से पिछले 12 वर्षों से युवाओं द्वारा कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा श्री कमलेश्वर महादेव मंदिर से काकड़ आरती के बाद शुरू होती है।

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आयोजक आयुष दवे और निवेदक विनय बाजपेयी ने बताया कि भगवान शिव की भक्ति का महत्व पूरे वर्ष रहता है, लेकिन सावन माह में इसका विशेष महत्व होता है। यात्रा से पहले नर्मदा नदी से जल लाकर श्री कमलेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद कांवड़ यात्रा इंदौर से उज्जैन के लिए रवाना होती है, जहां पहले सावन सोमवार को बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया जाता है।

यात्रा में शामिल युवा "जय भोलेनाथ" के जयकारे लगाते हुए और भक्ति गीतों पर नाचते-गाते पैदल उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर तक पहुंचते हैं। सांवेर के पास कांवड़ यात्रियों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था की जाती है, जहां भोजन-प्रसादी के साथ भजन-कीर्तन का भी आयोजन होता है।
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यात्रा में शामिल कुछ युवाओं ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोगों की गतिविधियों के आधार पर पूरे सनातन समाज या देश के युवाओं पर सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए। उनका कहना था कि देशभर में लाखों युवा सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
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कांवड़ यात्रा संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात सरकार तक शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से पहुंचाई जानी चाहिए। उनका मानना है कि विरोध के ऐसे तरीके, जिनसे समाज या युवाओं की छवि प्रभावित हो, उनसे बचना चाहिए। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले युवाओं के लिए सद्बुद्धि की कामना भी की।

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