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Indore News:स्टॉप छोड़ सड़क पर उतारे यात्री, रफ्तार पर नहीं लगाम, इंदौर की सिटी बसों पर नहीं नियमों का ब्रेक

Fri, 17 Jul 2026 11:20 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर की सिटी बसें अब नियंत्रण के बाहर होती जा रही है।  बसों के कारण ट्रैफिक जाम हो रहा है और चालक कही भी सिटी बसों को खड़ा कर यात्रियों को उतारने-चढ़ाने का काम कर रहे है। नंबर प्लेटों को लेकर भी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।  
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सिग्नल के नीचे खड़ी कर दी बस - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इंदौर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली एआईसीटीएसएल की सिटी बसों पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। शहर में 100 से अधिक रूटों के साथ आसपास के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक संचालित होने वाली बसों के संचालन में लगातार लापरवाही सामने आ रही है। बस चालक तय बस स्टॉप के बजाय सड़क के बीच, चौराहों और मोड़ों पर ही बस रोककर सवारियां उतारने-चढ़ाने लगे हैं। न तो इनके चालान बनते है और न ही ट्रैफिक जवान इन बस चालकों को टोकते है। कई बार तो चौराहों पर सिग्नल पर ही बसें खड़ी नजर आई। 

 

शहर के कई प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर यह स्थिति रोज देखी जा सकती है। बसों के अचानक रुकने से पीछे चल रहे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे कई बार टक्कर और हादसे हो चुके हैं।

 

स्टाॅप से पहले चौराहे पर खड़ी कर दी बस

इंदौर के व्हाईट चर्च चौराहे पर सिटी बस यात्रियों का इंतजार करती नजर आई, जबकि यह व्यवस्त चौराहा है और सिग्नल ग्रीन होने पर सैकड़ों वाहन निकलते है, लेकिन ट्रैफिक जाम की चिंता से दूर ड्रायवर आराम से सिग्नल के नीचे ही बस खड़े रखे हुए था, जबकि 200 मीटर पर ही बस स्टाॅप था। इसी तरह बंगाली काॅलोनी चौराहे पर भी चालक आराम से सर्विस रोड पर सुबह साढ़े दस बजे के समय बस को सवारियों के इंतजार में खड़ा रखे हुए था, जबकि सुबह के समय सर्विस रोड पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है।

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पिपलियाहाना चौराहे पर ब्रिज के नीचे बस - फोटो : amar ujala

बीच चौराहे पर उतारे यात्री

ग्रामीण रुट पर चलने वाली बस पिपलियाहाना चौराहे पर ब्रिज के नीचे पांच मिनिट तक खड़ी रही और यात्रियों को उतारा, जबकि चौराहे पर सिग्नल लगा है। सिग्नल हरा-लाल हो रहा था, लेकिन चालक आराम से चौराहे पर बस खड़े किए हुए थे। इसी तरह जंजीरवाला-मालवा मिल मार्ग पर भी बीच सड़क पर सिटी बस खड़ी नजर आई।

 

तेज रफ्तार और लापरवाही की लगातार शिकायतें

यात्रियों और वाहन चालकों की ओर से बसों की तेज रफ्तार, अचानक लेन बदलने, बिना संकेत दिए मुड़ने और स्टॉप के बाहर सवारियां बैठाने-उतारने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। सोशल मीडिया और नागरिक मंचों पर भी कई लोगों ने सिटी बस चालकों के आक्रामक ड्राइविंग व्यवहार को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं।

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बंगाली चौराहे पर खड़ी बस कर रही ट्रैफिक जाम - फोटो : amar ujala

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के नियम का भी पालन नहीं

शहर में सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में सिटी बसों पर अब भी सामान्य नंबर प्लेट लगी हुई दिखाई देती हैं। परिवहन विभाग और आरटीओ समय-समय पर एचएसआरपी को लेकर अभियान चलाते रहे हैं, वहीं बस ऑपरेटरों को भी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

नियमों के पालन पर सवाल

मोटर व्हीकल एक्ट और यातायात नियमों के अनुसार सार्वजनिक परिवहन वाहनों को निर्धारित बस स्टॉप पर ही यात्रियों को चढ़ाने-उतारने की अनुमति है। सड़क के बीच वाहन रोकना यातायात बाधित करने के साथ दुर्घटना का कारण भी बनता है। इसके बावजूद कई मार्गों पर इन नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।

100 से ज्यादा रूट, सैकड़ों बसों का संचालन

एआईसीटीएसएल के पोर्टल के अनुसार शहर में विभिन्न श्रेणियों की सैकड़ों बसें संचालित हैं। इनमें सिटी बस, सीएनजी बस, इलेक्ट्रिक बस और अन्य सेवाएं शामिल हैं। कुल 60 से अधिक सिटी बस रूट और 300 से ज्यादा बस स्टॉप नेटवर्क का हिस्सा हैं, जिनसे प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं।

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