मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर मांग की है कि जिन केंद्रों पर नीट (NEET) परीक्षा में व्यवधान आया, वहां पुनः परीक्षा आयोजित करवाई जाए। 4 मई को मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित नीट परीक्षा में शामिल हजारों परीक्षार्थियों के भविष्य पर बारिश ने पानी फेर दिया। कई जगहों पर विद्यार्थियों को भारी बारिश और बिजली गुल हो जाने के कारण परीक्षा देने में अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस स्थिति ने परीक्षा की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मोमबत्ती की रोशनी में दी परीक्षा, बिजली व्यवस्था रही नाकाम
जीतू पटवारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि इंदौर में आयोजित नीट परीक्षा के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। इस कारण छात्रों को मोमबत्ती या मोबाइल टॉर्च की रोशनी में परीक्षा देने को मजबूर होना पड़ा। ना तो किसी सेंटर पर इनवर्टर की व्यवस्था थी, और ना ही जनरेटर का प्रबंध किया गया था। उन्होंने बताया कि पीएमश्री सेंट्रल स्कूल क्रमांक-1 में दोपहर 3:30 बजे बिजली चली गई, जो परीक्षा समाप्ति तक नहीं आई। यहां 600 परीक्षार्थी उपस्थित थे और प्रत्येक हॉल में केवल एक मोमबत्ती थी। अंधेरे के कारण छात्र पेपर ठीक से पढ़ भी नहीं पाए और अधिकतर को दो घंटे तक अंधेरे में परीक्षा देनी पड़ी।
छात्रों में गहरा आक्रोश, बोले- भविष्य बर्बाद हो गया
परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर पुलिस और अभिभावकों के बीच तीखी बहस हुई। छात्र लगातार अतिरिक्त समय की मांग करते रहे, लेकिन जैसे ही निर्धारित समय समाप्त हुआ, उनके पेपर ले लिए गए। इससे कई छात्र रोते हुए केंद्रों से बाहर निकले और हर किसी की जुबां पर एक ही बात थी “मेरा भविष्य बर्बाद हो गया।” यह घटना न केवल परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाती है बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय भी है। परीक्षा के दिन जब छात्रों ने विरोध जताया तो कई जगह कर्मचारियों को मोमबत्ती खरीदने भेजा गया। अधिकांश केंद्रों पर परीक्षार्थियों को अंधेरे में दो घंटे तक परीक्षा देनी पड़ी, जबकि बाहर अभिभावकों और प्रशासन के बीच लगातार बहस होती रही।
जनरेटर-इनवर्टर का अभाव
इंदौर के जीएसीसी, होलकर कॉलेज, मालव कन्या स्कूल, डीएवीवी, इल्या स्कूल, न्यू गवर्नमेंट कॉलेज समेत दर्जनों केंद्रों पर बिजली गुल रही। अरण्य नगर स्थित गवर्नमेंट स्कूल में विद्यार्थियों ने अतिरिक्त समय की मांग की। कई छात्रों ने दोबारा परीक्षा कराने की मांग की। छात्र प्रभु पांडा ने बताया कि उन्हें पिछले साल एमबीबीएस मिल रहा था, लेकिन इस साल AIIMS के लिए तैयारी की थी और अब उनका भविष्य अधर में लटक गया है। जीएसीसी में ढाई घंटे और पीएमश्री सेंट्रल स्कूल में डेढ़ घंटे तक बिजली नहीं थी। बारिश के कारण कई जगह खिड़कियों से पानी आ गया जिससे कई छात्रों की OMR शीट भीग गई। छात्रा समृद्धि अग्रवाल के पिता ने बताया कि परीक्षा केंद्र में कोई समुचित इंतजाम नहीं था।
कलेक्टर एनटीए को भेजेंगे रिपोर्ट
कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि सभी केंद्रों की रिपोर्ट बनाकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भेजी जाएगी। हम अपनी तरफ से पूरी जानकारी देंगे। आगे जो भी निर्णय लिया जाएगा वह छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।