जनपद पंचायत के सीईओ लक्ष्मण सिंह डिंडोर के वीआरएस मांगे जाने की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने दो दिन में वीआएस पर फैसला लेने के निर्देश शासन को दिए है।
डिंडोर रतलाम ग्रामीण से दावेदार है। कांग्रेस से उनका टिकट तय माना जा रहा है। उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन दिया था, लेकिन शासन ने उसे मंजूर नहीं किया। इसके बाद लक्ष्मण ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई।
वर्ष 2018 में भी मिला था टिकट
पिछले विधानसभा चुनाव में भी लक्ष्मण का टिकट रतलाम ग्रामीण से तय हुआ था। तब काफी विरोध भी हुआ। नामांकन दाखिल होने के पहले उनका टिकट बदल गया। कांग्रेस ने थावर भूरिया को टिकट दिया, इसलिए वे नौकरी में बने रहे। पिछले चुनाव में उन्होंने निर्वाचन से जुड़ा काम भी किया था। उन्हे निर्वाचन के कार्य करने पर भाजपा ने आपत्ति भी लगाई थी। इस बार वे फिर टिकट की दौड़ में है और उन्होंने हाईकोर्ट में वीआरएस के लिए याचिका लगाई थी,क्योकि सरकर ने उन्हें वीआरएस नहीं दिया।
निलंबित हो चुके है डिंडोर
डिंडोर मनावर के जनपद पंचायत के सीईओ है। वे कांग्रेस के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस आधार पर उन्हें पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग ने निलंबित कर दिया था। डिंडोर कांतिलाल भूरिया के समर्थक है और रतलाम ग्रामीण क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय है। वे लगातार कई आयोजन भी करा चुके है।